India is committed to play lead role against climate change: Dr Harsh Vardhan


वैश्विक जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए भारत अग्रणी भूमिका में है: डॉ हर्ष वर्धन


“India is committed to play a crucial role in its fight against greenhouse gas emissions”, Dr Harsh Vardhan, the Union Minister who led India’s delegation at COP24 summit in Katowice in Poland, said.


ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन से निपटने के लिए भारत, विश्व में एक महत्वपूर्ण और अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है”, पोलैण्ड के काटोवाइस शहर में शुरु हुई कांफ्रेंस ऑफ़ पार्टीज (कॉप24) समिट में बोलते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने उक्त बातें कहीं।



December 4, Katowice, Poland: “India is committed to play a crucial role in its fight against greenhouse gas emissions”, Dr Harsh Vardhan, the Union Minister who led India’s delegation at COP24 summit in Katowice in Poland, said. Speaking on the sidelines of the global summit in the polish town, he said several ambitious mitigation and adaptation moves in the field of clean energy, especially in renewal energy have been taken up in India.

In this regard, he highlighted the country’s target of generating 175 GW of renewal energy by 2022. The Union Minister for Science and Technology, Earth Sciences, Environment also said that India today stands at 4th place in wind power, 5th place in renewable power and 6th in solar power generation in the world.

“With the construction of the RUB at Kishanganj, one of those pledges has been fulfilled,” Dr Harsh Vardhan said, while recounting his personal attachment with the area. He said he was born and brought up in old Delhi and as such, has been quite familiar with problem and difficulties faced by the people in their to-and-fro movement in the area. He also said that whatever little problems now remain, will also be solved. On this occasion, several political and civil-society figures were present.

दिसम्बर 4, पोलैंड: “ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन से निपटने के लिए भारत, विश्व में एक महत्वपूर्ण और अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है”, पोलैण्ड के काटोवाइस शहर में शुरु हुई कांफ्रेंस ऑफ़ पार्टीज (कॉप24) समिट में बोलते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने उक्त बातें कहीं।

डॉ हर्ष वर्धन कॉप24 समिट में भाग लेने भारतीय शिष्टमंडल के साथ दो दिवसीय यात्रा पर काटोवाइस पहुंचे थे जहां वे संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस (António Guterres) और कॉप24 के अध्यक्ष मिचल कुर्तिका (Michał Kurtyka) से मिले। इंडिया पेवेलियन में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए डॉ वर्धन ने कहा कि भारत में हम स्वच्छ ऊर्जा, विशेषकर अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं और इस संदर्भ में 2022 तक 175 गीगावाट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन करने का लक्ष्य भारत ने तय किया हुआ है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आज भारत विश्व में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में चौथे स्थान पर है, अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में पांचवे और सौर ऊर्जा उत्पादन में छठे स्थान पर पहुंच चुका है।

Attention was also drawn towards the promotion for the use of electric vehicles in India. To this regard, he highlighted 0.26 million electric vehicles’ sales in the country. The country’s move towards single-use plastic was also talked about. Given this, he reminded the people about India’s pledge to get rid of single-use plastic by 2022 across the country.

केन्द्रीय मंत्री ने भारत में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में हो रही पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि हम देश में ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं और अभी तक देश में तकरीबन 0.26 मिलियन इलैक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हो चुकी है| उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक को 2022 तक समाप्त करने के भारत के संकल्प से समिट में आये सभी देशों को अवगत कराया और बताया कि भारत के यशस्वी और विज़नरी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए इस दिशा में योजनाएं बनाकर उस पर लगातार कार्य कर रहा है|

Talking about conferring of the UN’s “Champion of Earth Award” on Prime Minister Shri Narendra Modi Ji this year, he said it was a tribute to the Prime Minister’s stewardship in promoting International Solar Alliance and his resolve to make India plastic free by 2022. He reiterated that people must find ways to combat climate change not only through the use of modern technologies but also with the wisdom of their collective cultural tradition. He also talked about Green Good Deeds movement that has been launched across the nation this year.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को “चैम्पियंस ऑफ़ द अर्थ अवार्ड” से सम्मानित किये जाने पर कहा कि यह अवार्ड अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन को बढ़ावा देने और 2022 तक भारत को प्लास्टिक मुक्त करने के प्रधानमंत्री के संकल्प और नेतृत्व का सम्मान था|

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए लोगों को आधुनिक तकनीक के द्वारा ही नहीं बल्कि अपनी संस्कृति और परम्परा में मिले संस्कारों के द्वारा भी हल करने के तरीके तलाशने होंगे| इसके लिए उन्होंने पर्यावरण हितैषी कार्यों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए इस वर्ष ‘ग्रीन गुड डीड्स’ मुहिम को शुरू किया है| ‘ग्रीन गुड डीड्स’ ऐसे हरे-भरे काम हैं जैसे कारपूल करना, पानी की बर्बादी को रोकना, स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करना, वृक्षारोपण करना, ऊर्जा का संरक्षण करना, कूड़े का सही निपटान करना आदि जिन्हें करने से हम पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं|

“By doing small but significant green good deeds such as car-pool to work, use of dustbins for disposal of waste, segregating waste, planting trees, saving energy, saving water and so on so forth we can protect environment,” he said. Overall, it remained highly fruitful talking point on climate change at Katowice where leaders and experts from across the world have gathered to find out ways to carry out commitments of the 2015 Paris Agreement.

कुल मिलाकर, केटोवाइस में जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए आयोजित यह सम्मलेन अत्यधिक उपयोगी है, जहां 2015 पेरिस समझौते की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के तरीकों का पता लगाने और इसकी कार्यविधि तय करने के लिए दुनिया भर के नेता और विशेषज्ञ एकत्र हुए हैं|