Neuroimaging facility will play key role in studying human brain: Dr Harsh Vardhan


मानव मस्तिष्क के अध्ययन में न्यूरोइमेजिंग सुविधा निभाएगी महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ हर्ष वर्धन



Union Minister for Science and Technology, Earth Sciences, Forest, Environment and Climate Change Dr Harsh Vardhan inaugurated a National Neuroimaging Facility (NNF) at the University of Allahabad-based Centre of Behavioural and Cognitive Sciences today.



Prayagraj, 2 February 2019: Union Minister for Science and Technology, Earth Sciences, Forest, Environment and Climate Change Dr Harsh Vardhan inaugurated a National Neuroimaging Facility (NNF) at the University of Allahabad-based Centre of Behavioural and Cognitive Sciences today. Speaking on the occasion he said the DST supported the NNF will play an important role in undertaking research on the study of brain and its emotions and feelings.

प्रयागराज (2 फरवरी 2019): केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में व्यवहारिक एवं संज्ञानात्मक विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से स्थापित National Neuroimaging Facility केंद्र मानव मस्तिष्क की स्कैनिंग करके मानसिक प्रक्रियाओं और भावनाओं का अध्ययन करेगा।

Equipped with the functional magnetic resonance imaging (fMRI) scanner and other high-tech equipment, the NNF will enable training and cutting edge research in the field of cognitive neurosciences. It is first of its kind facility in a university set up in India and will be dedicated solely for the study of emotion, perception, attention, decision making, actions, memory, self and consciousness.

Functional magnetic resonance imaging यानि FMRI स्कैनर और अन्य उच्च तकनीकी उपकरणों से लैस NNF संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में प्रशिक्षण और अत्याधुनिक अनुसंधान के क्षेत्र में काम करेगा। यह भारत में स्थापित विश्वविद्यालय में अपनी तरह की पहली सुविधा है और यह केंद्र भावना, धारणा, ध्यान, निर्णय लेने, कार्यों, स्मृति, आत्म और चेतना के अध्ययन के लिए समर्पित होगा।

Yoga and meditation has been practiced in India for thousands of years. In this background the Union Minister talked about role that fMRI will play in understanding the effects of yoga and meditation on the brain. Speaking about science’s capability in solving many unresolved problems, he also called for study of impacts of cultural and social phenomena on individuals.

भारत में योग और ध्यान हजारों वर्षों से प्रचलित है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केंद्र मस्तिष्क पर योग और ध्यान के प्रभावों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विज्ञान की क्षमता के बारे में बोलते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि इस केंद्र के जरिए किसी व्यक्ति पर सांस्कृतिक और सामाजिक घटनाओं के प्रभावों का भी अध्ययन करना चाहिए।

On this occasion, the Union Minister said India is fortunate that it has a gifted leader like Narendra Modi at the helm of its affairs, who takes keen interest in the progress of science and technology. In this regard he talked about the Prime Minister’s emphasis on innovations and role played by initiatives like Stand-up India, Start-up India, Digital India, Make in India in imparting a thrust to the country’s move in science and technology field.

इस मौके पर डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि हमलोग भाग्यशाली हैं कि हमलोगों को नरेंद्र मोदी जैसे कर्मठ प्रधानमंत्री मिले हैं, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भी काफी रूचि रखते हैं। प्रधानमंत्री जी स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के जरिए 2022 तक भारत को न्यू इंडिया बनाना चाहते हैं और वो इस दिशा में दिन रात मेहनत कर रहे हैं।