144th IMD Foundation Day celebration


दिल्ली में भारत मौसम विज्ञान विभाग के 144वें स्थापना दिवस का आयोजन



नई दिल्ली (15 जनवरी, 2019) : राजधानी दिल्ली के डॉ अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आज भारत मौसम विज्ञान विभाग के 144वें स्थापना दिवस का आयोजन किया गया है। इस समारोह में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यवारण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन, अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव और विक्रम साराभाई के प्रोफेसर ए एस किरण कुमार, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ एम राजीवन समेत कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

15 January 2019, New Delhi: Union Minister for Science and Technology, Earth Sciences, Environment, Forests and Climate change Dr Harsh Vardhan today participated at the 114th foundation day of India Metrological Department. On this occasion, former ISRO chief A S Kiran Kumar and Ministry of Earth Sciences secretary Dr M Rajeevan and several other scientists were also present.

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के 144 सालों का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। अगर मैं सिर्फ 2014-19 के कार्यकाल का विश्लेषण करूं तो इस दौरान विभाग ने काफी तरक्की की है और कई उपलब्धियां हासिल की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पास मौसम व जलवायु रिकॉर्ड की निगरानी व रखरखाव की विरासत है।

Speaking on the occasion, the Union Minister said metrological department has a glorious past of 144 years. “In the 2014-19 period alone, I will say, the department has achieved several goals,” Dr Harsh Vardhan said.

उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के बारे में लोग कहते थे कि अगर वह बारिश की भविष्यवाणी करेगा तो बरिश नहीं होगी और अगर वो कहेगा कि बारिश नहीं होगी तो बारिश होगी लेकिन अब यह स्थिति पूरी तरह बदल गई है। लोग अपने बेटे बेटियों की शादी ठीक करने के पहले मौसम की सटीक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। 14 जनवरी 2019 को प्रयागराज में आयोजित ऐतिहासिक कुंभ मेले में जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए Special Weather Services को लांच किया गया है जो तीन दिनों के मौसम के बारे में पूर्वानुमान संबंधी सूचना प्रदान करेगा।

The Union Minister said earlier if IMD predicted about rain, there was no rain at all, but now this situation has changed. To have accurate information on weather, people are now seeking help from IMD before arranging marriages of their sons and daughters, he said, adding that Special Weather Services was launched on 14 January 2019 for the benefit of crores of pilgrims visiting Prayagraj for Kumbh. He said with the help of special weather forecasting people will be provided with information on weather for next three-day.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय देश के 40 मिलियन किसानों को टेक्स्ट मैसेज भेजकर मौसम की जानकारी देता है और जिसके आधार पर किसान कृषि की प्लानिंग करते हैं। 2015 में जब 10-12 मिलियन किसानों को टेक्स्ट मैसेज के जरिए जानकारी दी गई तो भारत के GDP में 40-50 हजार करोड़ रुपए का फायदा हुआ और यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।

The Union Minister said in the country these days farmers’ plan for their agricultural work after getting weather-related information. In this context, he referred to the Ministry of Earth Sciences’ work to update 40 million farmers by sending them text messages on weather-related information.

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि हमलोग सौभाग्यशाली हैं कि आज हमारे पास नरेंद्र मोदी जी जैसे प्रधानमंत्री हैं, जो न्यू इंडिया के सपने को साकार करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी को विज्ञान और वैज्ञानिकों की क्षमता पर अभूतपूर्व विश्वास है और वो मानते हैं कि देश की हर एक समस्या का समाधान विज्ञान के जरिए किया जा सकता है। उनके नेतृत्व में भारत ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसन्धान परिषद (CSIR) की पूरे विश्व मे 9वीं रैंकिंग है। नैनो तकनीक के विकास में दुनिया में भारत का स्थान तीसरा है। साइंस पब्लिकेशन में भी भारत अग्रणी है।

Dr Harsh Vardhan said the country is fortunate that it has a Prime Minister like Narendra Modi Ji who is working hard day and night to turn his dream of new India into a reality. He said the Prime Minister has a great faith on scientists and their capability. If the Prime Minister is to be believed, every unresolved issue can be tackled with the help of science. Thanks to Modi Ji’s leadership, India has achieved many milestones in the field of science and technology. Today, CSIR is positioned at the nineth rank across the world, while India is in the third position in nano technology. In science publication too, India is among the top nations of the world.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान का नारा दिया था और मेरे अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस नारे के साथ जय अनुसंधान को जोड़ा है।

The Union Minister who launched a book and honoured several scientists and students on this occasion, said former Prime Minister Atal Behari Ji added Jai Vigyan to Jai Jawan and Jai Kisan slogan of Lal Bahadur Shastri, India’s former Prime Minister, but years after incumbent Prime Minister Narendra Modi Ji has added Jai Anusandhan to the slogan.

भारत मौसम विज्ञान विभाग के 144वें स्थापना दिवस के मौके पर एक पुस्तक का विमोचन करने के साथ कई वैज्ञानिक और छात्र छात्राएं सम्मानित किए गए।