नई दिल्ली, 22-05-2020: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन को आज विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड का अध्यक्ष चुना गया।



पदभार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि" मैं दुनिया के अपने साथी नागरिकों की बेहतर स्वास्थ्य रक्षा के प्रति कृतसंकल्प हूं। WHO के कार्यकारी बोर्ड के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ हिरोकी नाकातानी जी को संगठन की उत्कृष्टता बढ़ाने के लिए दिल से धन्यवाद व आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ।"

उन्होंने कहा कि "यह पल मेरे ह्रदय को खुशी व सम्मान देने के साथ - साथ मन को विचलित कर रहा है क्योंकि लगभग 3 लाख 30 हजार से अधिक लोगों को इस महामारी के कारण अपने अमूल्य जीवन को खोना पड़ा और सम्पूर्ण दुनिया में एक आर्थिक अशांति बनी हुई है।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि आप सभी के विश्वास और आस्था के प्रति खुद को सम्मानित महसूस करता हूं। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि WHO के साथ मेरा लंबा व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है मुझे अपने सार्वजनिक जीवन के शुरुआती वर्षों के दौरान संगठन के संपर्क में आने का विशेषाधिकार मिला।

पोलियो उन्मूलन पर WHO की प्रतिष्ठित समितियों जैसे SAGE और Global Technical Consultative Group में उन्हें नियुक्त होने का भी सौभाग्य मिला उन्होंने कहा कि भारत से पोलियो का उन्मूलन विश्व स्वास्थ्य संघठन की दृढ़ता के बिना संभव नहीं हो सकता था

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि उन्हें पता है कि वे COVID19 के कारण बने वैश्विक संकट के समय में इस कार्यालय में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसा समय जब हम केवल जीवित रहने के लिए लड़ रहे हैं ... जहाँ अगले दो दशकों में स्वास्थ्य चुनौतियां सामने आने वाली हैं।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति तैयार की है जिसका उद्देश्य सभी के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य है।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का लक्ष्य 50 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना है। अगर भारत जैसा विकासशील देश इस स्तर की 'सभी के लिए स्वास्थ्य' की नीति का सपना देख सकता है, तो बाकी दुनिया को इससे ऊपर सोचना होगा।

उन्होंने कहा कि हमें यह स्वीकार करना होगा कि वर्तमान महामारी ने मानव जाति के अस्तित्व पर अतिसंवेदनशीलता प्रदर्शित करी है इसलिए हमें अधिक गति और पूर्वानुमान के साथ कार्य करने का प्रयास करना है। इस महामारी ने हमारी स्वास्थ्य प्रणालियों की सुदृढ़ता और तैयारियों की अनदेखी के परिणामों के बारे में गहराई से अवगत कराया है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि WHO इस सिद्धांत में विश्वास करता है कि स्वास्थ्य के उच्चतम मानक का लाभ जाति, धर्म, राजनीतिक विश्वास, आर्थिक या सामाजिक स्थिति के भेद के बिना हर मनुष्य के मौलिक अधिकारों में से एक है। इसलिए हम सदस्य देशों के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य दायित्वों के कुशल, प्रभावी और उत्तरदायी निर्वहन के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह मौलिक विश्वास हमारे मार्गदर्शक सिद्धांत होंगे।