नई दिल्ली, 06-05-2020: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज कोविड से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र और गुजरात में कोविड19 की स्थिति की समीक्षा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा दोनों राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करी।



बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे जी भी उपस्थित रहे। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेश टोपे जी और गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री श्री नितिन भाई पटेल जी से इन राज्यों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापक बातचीत हुई।

डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेश टोपे जी के साथ संवाद बेहद जरूरी था क्योंकि राज्य के 36 में से 34 ज़िले कोविड19 से प्रभावित हैं। उनमें भी मुंबई,ठाणे, नासिक, पुणे, औरंगाबाद, नागपुर व सोलापुर ज्यादा चिंता का विषय हैं। महाराष्ट्र में अभी 1026 कंटेनमेंट ज़ोन हैं।

हांलाकि अच्छी बात ये है कि राज्य के दो जिले गढ़चिरौली और वर्धा में कोरोना का कोई असर नहीं है। जबकि गोंदिया और उस्मानाबाद जिलों में पिछले 28 दिन से,बीड में 21 दिन से और अहमद नगर और भंडारा जिलों में पिछले 7 दिनों से कोई केस नहीं है।

मेडिकल कॉलेजों की रेपिड रेस्पॉन्स टीम अपने-अपने क्षेत्रों में पूरा सहयोग कर रही हैं और डॉक्टर्स की सेंट्रल टीम भी वहां भेजी हुई है।

इसके अलावा एम्स दिल्ली के जितने भी विशेषज्ञ डॉक्टर हैं वे देशभर में कोविड का इलाज कर रहे सभी डॉक्टर्स के लिए ऑनलाइन 24 घंटे उपलब्ध हैं।

बैठक में राज्य सरकारों से डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि वे अप्रभावित जिलों में भी Random Testing करें जिससे किसी भी तरह संक्रमण वहां न पहुंचने पाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने सेहत सही रखने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को लेकर जो दिशानिर्देश जारी किए हैं, उसे जनहित में समाज में प्रसारित किए जाने की आवश्यकता है।

डॉ हर्ष वर्धन ने इस बात पर चिंता व्यक्त करी कि केंद्र के कई दिशानिर्देश ज़िला स्तर पर अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें प्रवासी मजदूरों व विदेश से आने वाले नागरिकों को लेकर केंद्र के दिशानिर्देशों का पालन कराना सुनश्चित करें।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि कोविड के खिलाफ लड़ाई में शहरों के मुकाबले ग्रामीण जनता ने ज्यादा सहयोग किया है। गांव के लोगों ने लॉकडाउन का पालन पूरी जिम्मेदारी के साथ किया है।

उन्होंने बताया कि गुजरात के कुल 33 जिलों में से 9 रेड जोन, 19 ओरेंज और 5 जिले ग्रीन जोन में हैं। राज्य में कोविड के कुल 3896 मरीजों में से 262 लोगों की मृत्यु हो गई है। राज्य में कोरोना से पीड़ित लोगों की मृत्यु दर 5.3 है जो राष्ट्रीय स्तर की दर 3.3 से ज्यादा है। इसी प्रकार इन मरीजों के दो गुना होने की दर भारत के 12.2 के मुकाबले केवल 9.8 ही है। राज्य में 10 लाख लोगों पर कोविड19 के 1153 टेस्ट किए गए हैं।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि गुजरात के कुल 6245 कोविड के मरीजों में से 4425 मरीज अकले अहमदाबाद से हैं। राज्य में कोविड से हुई कुल 378 मौतों में से 273 अहमदाबाद में हुई हैं। राज्य में कोविड के कुल 89 हजार टेस्टों में से 37 हजार अहमदाबाद में किए गए। केंद्र से वहां गई डॉ धींगरा की टीम ने रिपोर्ट दी है कि अहमदाबाद में स्वास्थ्य और अन्य विभाग मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन वहां अभी रणनीति में कुछ बदलाव करते हुए अपने साथ समाज को भी जोड़कर चलें तो ज्यादा सफल होंगे। स्थानीय स्तर पर घर-घर जाकर लोगों से मिलें और कोई भी कोविड का रोगी मिलने पर उसे बाहर निकालें और प्रोटोकॉल के अनुसार उसका इलाज करें ताकि कोविड को फैलने से रोका जा सके।

बैठक के बाद डॉ हर्ष वर्धन ने मीडिया से बातचीत मे कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र और गुजरात के उन जिलों के डीएम से बात की जिन जिलों में हॉटस्पॉट हैं। राज्य सरकारें व स्थानीस प्रशासन हांलाकि, भरपूर प्रयास कर रहे हैं लेकिन उन्हें किसी टेक्नीकल, मैनपावर, एक्सपर्ट के परामर्श या केंद्र से कुछ और सहायता की जरूरत है, इसके लिए उनसे सीधा संपर्क किया गया।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि केस बढ़ना कोई चिंता का विषय नहीं है, लेकिन कोविड का केस मिलने पर उसकी 100 प्रतिशत कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग होनी चाहिेए और सभी को समुचित प्रोटोकॉल का पालन कर उन्हें आइसोलेशन, क्वारेंटाइन या कोविड डेडीकेटिड हॉस्पिटल्स तक पहुंचाना चाहिए जिससे कोई मरीज ऐसा न हो कि रह जाए और कोरोना के फैलने का कारण बने।

डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि हमने कल कोरोना के 80 हजार मरीजों के टेस्ट किए हैं। भारत में जनवरी के अंत तक मात्र एक टेस्टिंग लैब थी जो अब बढ़कर करीब 440 हो गई हैं। इनमें निजी क्षेत्र की लैब भी शामिल हैं।