30 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज दिल्ली में यूनाइटेड टू एलिमिनेट फाइलेरियासिस के राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया और 2021 में लिम्फेटिक फाइलेरियासिस को खत्म करने की हमारी प्रतिबद्धता दोहराई।



इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता, दृष्टि, सामाजिक भागीदारी और अतीत के अनुभव हमें 2021 तक देश से फाइलेरिया को खत्म करने के हमारे लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं । डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि यह वर्ष भारत में स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय रहा है और मैं आपका ध्यान उन रोगों की ओर आकर्षित करना चाहूंगा, जो कि दुर्बल संक्रामक रोगों का एक समूह है जो वैश्विक स्तर पर 1.5 बिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करते हैं और सबसे गरीब समुदायों को प्रभावित करते हैं। भारत इनमें से दो एनटीडी को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। लिम्फेटिक फाइलेरियासिस (हाथीपांव) और विसेरल लीशमनीस (काला-अजार) जिससे हमारे बच्चों का भविष्य सबसे अधिक जोखिम में होता है। डॉ हर्ष वर्धन ने सुझाव दिया कि सभी स्वास्थ्य सहयोगियों और हितधारकों को सक्रिय रूप से काम कर एनटीडी से निपटने के लिए सच्ची भागीदारी की आवश्यक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, भारत की अब तक की उपलब्धियां महत्वपूर्ण रही हैं, और यह हमारे लिए सफलताओं को समेकित करने और 2021 तक लिम्फैटिक फाइलेरियासिस उन्मूलन के कार्य को पूरा करने का एक उपयुक्त समय है।

लिम्फैटिक फाइलेरियासिस पर आयोजित Symposium में उन्होंने कहा कि देश के 21 राज्यों में 256 जिले फाइलेरिया से प्रभावित हैं। सरकार के प्रयासों से 96 जिलों में हम ट्रांसमिशन रेट को 1% से कम पर ला चुके हैं ।फाइलेरिया को खत्म करने के लिए WHO ने 2030 का लक्ष्य तय किया है, लेकिन हमने फाइलेरिया और काला अज़ार को देश से खत्म करने के लिए 2020-21 का लक्ष्य रखा है और हमें विश्वास है कि हम तय समय में अपना काम पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया को खत्म करने के अभियान को जन आंदोलन बनाकर 2021 तक इसे खत्म करने के लिए हमें एक रणनीति के तहत काम करना होगा। हमें देश भर में सभाएं करनी होंगी, ग्राम पंचायतों को जोड़कर इस संदेश को घर-घर पहुंचाना होगा।

डॉ हर्षवर्धन ने 'कॉल टू एक्शन टू साइन द लिम्फैटिक फाइलेरियासिस को 2021 तक खत्म करने के लिए कहा, कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं कि एनटीडी से अधिक लोग प्रभावित न हों, हमें अब एक सामान्य ज्ञान प्राप्त करने की दिशा में प्रेरित होना चाहिए। लसीका फाइलेरिया का उन्मूलन, तभी संभव होगा, जब हम वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, राष्ट्रीय और राज्य प्रतिनिधियों, भागीदारों सहित सभी हितधारकों द्वारा अधिक सहयोग और प्रतिबद्धता को बढ़ावा देंगे । इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव सुश्री प्रीति सूदन और परिवार कल्याण मंत्रालय और अन्य प्रतिनिधियों ने 2021 तक लिम्फेटिक फाइलेरिया को खत्म करने के लिए कॉल टू एक्शन पर हस्ताक्षर किए । कार्यक्रम में आयुष और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, ICMR, NITI Aayog और UN संगठन के सदस्य भी उपस्थित थे।