नई दिल्ली, 7 मार्च 2020: भारत सरकार ने देश के आकांक्षी जिलों में 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दी है। इसी के तहत तमिलनाडु में 11 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं । इसी क्रम में आज तमिलनाडु के नागपट्टिनम में एक मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास हुआ। इस उपलक्ष्य में वहां एक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री श्री ई के पलानीस्वामी जी, उप मुख्यमंत्री श्री ओ पन्नीरसेल्वम जी, स्वास्थ्य मंत्री श्री विजय भास्कर जी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस अवसर पर विशाल जनसमुदाय भी उपस्थित था।



केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने इन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया।

सबसे पहले उन्होंने #COVID19 के वैश्विक संकट के बीच इस कार्यक्रम में शामिल न हो पाने पर खेद प्रकट किया। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि ये प्रसन्नता की बात है कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री ई के पलानीस्वामी जी स्वयं राज्य में नए खुलने वाले 11 मेडिकल कॉलेजों की निगरानी कर रहे हैं। डॉ हर्ष वर्धन ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में खुलने वाले सभी 11 नए मेडिकल कॉलेज अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के लिए 325 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से तमिलनाडु सरकार को राज्य के आकांक्षी जिलों में नए मेडिकल कालेज खोलने हेतु पहली किश्त के तौर पर 140 करोड़ की राशि का भुगतान कर दिया है।

स्वास्थ्य के प्रति तमिलनाडु सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में तमिलनाडु उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां मातृ व शिशु मृत्यु दर नगण्यता के स्तर पर आने के साथ-साथ 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर भी सबसे कम होगी।

डॉ हर्ष वर्धन ने विश्वास करते हुए कहा कि राज्य में प्रत्येक बच्चे को यूनीवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम के तहत कवर करके उसका टीकाकरण किया जाएगा।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत सरकार ने 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि तमिलनाडु सरकार भी इसको हासिल करने के क्रम में केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग करेगी और हम निश्चित रूप से 2025 से पहले ही देश से टीबी जैसे रोग को जड़ से उखाड़ फेंकने में सक्षम होंगे।