11 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने शुक्रवार को स्वच्छता और हाइजीन के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को कायाकल्प पुरस्कार 2018-19 से सम्मानित किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी उपस्थित थे। इन पुरस्कारों के तहत निजी स्वास्थ्य संस्थानों के कामों को भी मान्यता दी गई है।



इस मौके पर डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि 2015 में कायाकल्प की संकल्पना अस्पतालों व संस्थाओं में स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। इसके तहत स्वच्छता की दृष्टि से मरीजों को अच्छा वातावरण देने वालों को सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि कायाकल्प पुरस्कार से सम्मानित संस्थान अपने क्षेत्र में स्वच्छता के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। अब इन स्वास्थ्य संस्थानों को अन्य के लिए आदर्श बनना होगा और स्वच्छता व हाइजीन के सर्वश्रेष्ठ मानक प्राप्त करने की दिशा में उनको प्रेरित करना होगा और उनका नेतृत्व करना होगा। डॉ हर्ष वर्धन ने पुरस्कार पाने वाले संस्थानों की तारीफ करते हुए कहा कि कायाकल्प पुरस्कारों ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों के विश्वास को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अस्पतालों में स्वच्छता बढ़ाने को लेकर किए गए सामूहिक प्रयासों से साफ-सफाई, हाइजीन में सुधार को गति मिली है। अब यह पुरस्कृत संस्थानों का कर्तव्य है कि वे अपने जिलों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के लिए नेतृत्व कर्ता की भूमिका निभाएं और उनके प्रेरक बनें।

उन्होंने कायाकल्प पुरस्कार के विजेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का मानना था कि जीवन वही जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं। बाकी जीते हुए भी मृतक के समान हैं। आपने अस्पतालों में स्वच्छता के लिए जो किया है वो किसी कायाकल्प से कम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में गांधी जी से प्ररेणा लेकर स्वच्छ भारत की कल्पना की थी और बापू के आर्शीवाद से आज देश के 5 लाख 90 हजार गांव खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं। और ये सब मोदी जी की सोच और जनता के प्रयास से ही संभव हो पाया है। प्रधानमंत्री मोदी न्यू इंडिया का निर्माण करना चाहते हैं, जहां हर बच्चे के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा व पोषण की व्यवस्था हो, हर महिला की सुरक्षा का इंतजाम हो, हर बुजुर्ग के स्वाभिमान की रक्षा हो। इसमें अस्पतालों और कायाकल्प पुरस्कार प्राप्त करने वाले संस्थानों का क्या योगदान हो सकता है इस पर आपको विचार करना है ।