05 अगस्त 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी व पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने लोकसभा से The Surrogacy (Regulation) Bill, 2019 पास कराने में सहयोग देने के लिए सभी सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह बिल देश में Surrogacy सिस्टम को पूरी तरह से नियंत्रित करने में कारगर साबित होगा।



05 August 2019: Minister for Health & Family Welfare, Science & Technology, and Earth Sciences, Dr Harsh Vardhan, thanked all the members of Lok Sabha for successful passing of The Surrogacy (Regulation) Bill, 2019 in the lower house. I have firm belief that this bill will be successful in regulating Surrogacy system in the country



इससे पहले लोकसभा में सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 को विचार व पारित करने का प्रस्ताव सदन के पटल पर रखते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में दुनिया के कई देशों के दंपत्तियों के लिए भारत Surrogacy का हब बनता जा रहा है और इसका गलत इस्तेमाल हो रहा है, जिसके लिए यह बिल जरूरी है। लोकसभा में सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 पर चर्चा की शुरूआत करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत के विधि आयोग ने अपनी 228वीं रिपोर्ट में कॉमर्शियल Surrogacy पर रोक लगाने की सिफारिश की थी, जिसके बाद सरकार यह बिल लेकर आई है। चर्चा के दौरान न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, चीन, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी, नीदरलैंड व स्वीडन जैसे देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां Commercial Surrogacy पूरी तरह से प्रतिबंधित व गैरकानूनी घोषित है। उन्होंने कहा कि The Surrogacy (Regulation) Bill, 2019 में Commercial Surrogacy को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर Surrogacy Boards बनाने का प्रावधान है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरोगेसी का दुरुपयोग न हो।

While tabling The Surrogacy (Regulation) Bill, 2019 for discussion and passing, Dr Harsh Vardhan said that in the recent years India has turned into a hub of surrogacy for couples around the world and it has been misused in the country. Due to this reason The Surrogacy (Regulation) Bill, 2019 has been introduced. Dr Harsh Vardhan while discussing the bill said that the reason for introducing this bill is the recommendation made by the Law Commission of India to ban Commercial Surrogacy in their 228th report. In the discussion, Dr Harsh Vardhan gave examples of New Zealand, Australia, Japan, China, Mexico, South Africa, Germany, Netherland and Sweden where commercial surrogacy is totally banned and termed illegal. There are provisions of creating National and State level Surrogacy Boards in The Surrogacy (Regulation) Bill, 2019 to control commercial surrogacy so that there is no misuse of surrogacy.