06 सितंबर 2019 : केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य व परिवार कल्याण, विज्ञान व प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने आज दिल्ली के राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में 'सुपरबग एंटीबायोटिक्स का अंत' विषय पर एक प्रदर्शनी का उद्धाटन किया। इस अवसर पर संस्कृति व पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल भी उपस्थित थे। इस प्रदर्शनी में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद का भी योगदान है ।



इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे एकत्र हुए हैं। कई बार बच्चे बड़ी चीजों को पूरा करने में सक्षम होते हैं , अगर वे निर्धारित हों। पोलियो अभियान के दौरान बच्चों ने पोलियो सैनिक बनकर अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक एक डॉक्टर के रूप में सक्रिय अभ्यास किया लेकिन दो तीन एंटीबायोटिक दवाओं के अलावा उन्होंने कभी भी एंटीबायोटिक दवाओं का परामर्श नहीं दिया। चिकित्सकों को भी इस संबंध में सावधानी बरतनी चाहिए। बैक्टीरिया रोग पैदा करने में सक्षम छोटे जीव उनके खिलाफ हमारे सबसे शक्तिशाली हथियार एंटीबायोटिक्स अब सुपरबग में बदल रहे हैं। आज एंटीबायोटिक प्रतिरोधी सुपरबग्स एक वर्ष में 7 लाख लोगों को मार देता है। 2050 तक यह संख्या बढ़कर 10 मिलियन हो सकती है।

प्रदर्शनी का आयोजन एंटीबायोटिक प्रतिरोध की बढ़ती चिंताओं , नई एंटीबायोटिक दवाओं के संबंध में चल रहे अनुसंधानों पर जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित की गई थी । राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद लंदन, विज्ञान संग्रहालय समूह और वेलकम यूके द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का लक्ष्य एंटीबायोटिक प्रतिरोध के बारे में बढ़ती हुई चिंताओं , नई एंटीबायोटिक दवाओं एवं सामग्रियों के संबंध में चल रहे अनुसंधान के बारे में भारतीयों में जागरूकता पैदा करना एवं एंटीबायोटिक प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर देना है। यह प्रदर्शनी इसी महीने से देश के प्रमुख महानगरों में लोगों को जागरूक करेगी।

इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में NCSM के महानिदेशक, श्री ए. डी. चौधरी, सचिव, डीएचआर प्रो बलराम भार्गव, और ICMR महानिदेशक डॉ रेणु स्वरूप, जैव प्रौद्योगिकी विभाग की। सचिव सुश्री जान थॉम्पसन, भारत के उप-उच्चायुक्त, श्री जोनाथन न्यूबी, विज्ञान संग्रहालय समूह के एमडी आदि मौजूद रहे। ।।