15 जुलाई, 2019: दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित लोकसभा-सांसदाना संस्कृत. सम्माननम् में 17वीं लोकसभा में संस्कृत भाषा में शपथ लेने वाले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी व पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन समेत कई सांसदों को संस्कृत भारती द्वारा सम्मानित किया गया।



इस मौके पर डॉ हर्ष वर्धन ने संस्कृत भाषा में अपने विचार रखे। सम्मान ग्रहण करने के बाद डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि संस्कृत भारती द्वारा सम्मान मिलने पर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह मेरा नहीं बल्कि विश्व की लगभग सभी भाषाओं की जननी संस्कृत का सम्मान है। उन्होंने कहा कि 16वीं लोकसभा के बाद 17वीं लोकसभा में भी देवभाषा संस्कृत में शपथ लेकर उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए मैंने एक छोटी पहल की है।

उन्होंने कहा कि संस्कृत भारती न केवल भारत में अपितु विदेशों में भी संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए निरन्तर प्रयासरत है। आपके प्रयास से संस्कृत भाषा की लोकप्रियता बढ़ रही है। संस्कृत विश्व की प्राचीनतम और विशिष्ट भाषा है। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि सम्मान के लिए वे संस्कृत भारती का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी,मीनाक्षी लेखी,सीआर पाटिल, दिलीप घोष,राजेंद्र अग्रवाल,अजय भट्ट, सुनीता दुग्गल समेत कई माननीय सांसदों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इंद्रेश कुमार के अलावा प्रोफेसर भक्तवत्सल, प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी और श्री दिनेश कामत जी भी मौजूद रहे।