03 सितंबर 2019 : मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत हर्ष हो रहा है कि भारत, South East Asia Health Emergency Response Fund (SEARHEF) के तहत स्थिति से निपटने की तैयारियों के लिए 200,000 अमेरिकी डॉलर का योगदान करेगा। यह बात केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य व परिवार कल्याण, विज्ञान व प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज नई दिल्ली में दक्षिण-पूर्व एशिया विश्व स्वास्थ्य संगठन क्षेत्रीय कार्यालय (सियरो) के 72वें सत्र में ‘आपात तैयारी’ पर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के दौरान कही। इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रियों ने आपात तैयारी पर दिल्ली-घोषणापत्र पर हस्ताक्षर भी किए।



डॉ हर्ष वर्धन ने पूर्व तैयारी और आपदा प्रबंधन के संदर्भ में फेनी चक्रवात के अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि सटीक मौसम भविष्यवाणी, कारगर पूर्व चेतावनी के कारण लगभग 1.15 मिलियन लोगों को समय पर प्रभावित क्षेत्रों से निकालने, सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने और लोगों की जान की रक्षा करने में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि चक्रवात के दौरान तमाम रोगों को नियंत्रण करने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई, जिसके कारण किसी भी प्रकार की महामारी नहीं फैली। डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि फेनी चक्रवात की सटीक भविष्यवाणी करने और हजारों जानों की रक्षा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य कई अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत की सराहना की है।

उभरती चुनौतियों पर अपनी बात रखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश के लिए, खतरों की बहुलता को देखना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। डॉ हर्षवर्धन ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में भारत सरकार ने दक्षिण पूर्व एशिया प्रशांत और अफ्रीका में मानवीय सहायता के लिए कई देशों को 13 मिलियन डॉलर की चिकित्सा आपूर्ति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की चिकित्सा सहायता के साथ हम इस साल भी छह देशों को चिकित्सा सहायता जारी रखेंगे। सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से फैलती अफवाहों पर, डॉ हर्षवर्धन ने निपाह का उदाहरण देते हुए भय, आशंकाओं, अफवाह आदि को भड़काने पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार और अन्य अधिकृत स्रोतों से पारदर्शिता और समय पर जानकारी मुहैया कराने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ प्रामाणिक जानकारी साझा करना महत्वपूर्ण है क्योंकि हम उनके विश्वास के संरक्षक हैं और सार्वजनिक सेवा प्रदाताओं के रूप में, उन्हें हमारे समर्थन के संबंध में जानकारी होना आवश्यकता है।

मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में विश्व स्वास्थ्य संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के 11 देशों में से 8 देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों, विश्व स्वास्थ्य संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। भारत दूसरी बार क्षेत्रीय समिति की बैठक की मेज़बानी कर रहा है। इसके पहले वाली बैठक की भी भारत ने ही नई दिल्ली में मेज़बानी की थी।