Prayer meeting held in the memory of senior journalist Rajendra Prabhu


वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र प्रभु जी की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन



श्रद्धांजलि सभा के मौके पर कई वरिष्ठ पत्रकारों ने श्री राजेंद्र प्रभु जी के साथ बिताए अपने दिनों को याद किया। सभी ने कहा कि उन्होंने अपने बीच से एक कर्मठ और ईमानदार मीडिया ट्रेड यूनियन नेता को खो दिया है और राजेंद्र प्रभु जी के स्थान को भरा नहीं जा सकता है।



नई दिल्ली (9 फरवरी, 2019): विज्ञान पत्रकारिता के अग्रणी व मीडिया ट्रेड यूनियन के सिरमौर वरिष्ठ पत्रकार स्व.राजेंद्र प्रभु जी की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। इस श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन समेत कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए। सभी लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

New Delhi, 9 February 2019: To pay homage to late shri Rajendra Prabhu Ji, who was a senior journalist and a very popular trade union leader, a prayer meeting was convened here today in which Union Minister for Science and Technology, Earth Sciences, Forest, Environment and Climate Change Dr Harsh Vardhan along with several media persons participated.

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि राजेंद्र प्रभु जी जीवन भर पत्रकारों के हक की लड़ाई लड़ते रहे। अपनी कर्मठता व ईमानदारी के कारण आज वो हम सब के प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि राजेंद्र प्रभु जी, एन के त्रिखा जी और देवेंद्र स्वरूप जी जैसे पत्रकारों की यादों को समाज हित व आने वाली पीढ़ियों के लिए जिंदा रखने की जरूरत है और इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए मैं आपके साथ हूं।

Speaking on the occasion, the Union Minister said Rajendra Prabhu fought for the rights of journalists. Paying a glowing tribute to Rajendra Prabhau, Dr Harsh Vardhan further said Prabhu was a source of inspiration for many people of his fraternity and beyond it because of his honesty and dedication towards the cause of those who were associated with journalism. Also, tributes were paid in the memory of A N Trikha and Devendra Swarup-both senior journalists who also left for their heavenly abode. Talking about these senior journalists, the Union Minister said there is a need to systematically chalk out a programme to keep alive these journalists’ work.

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री बनने के बाद राजेंद्र प्रभु जी और वरिष्ठ पत्रकार केदार गुप्ता जी हमसे मिलने आए थे और विज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए कई अच्छी सलाह दी थी। राजेंद्र प्रभु जी के प्रयास से विज्ञान पत्रकारिता को लेकर कई वर्कशॉप का आयोजन किया है जो काफी फायदेमंद साबित हुआ।

Dr Harsh Vardhan said after he became the Union Minister for Science and Technology, Rajendra Prabhau had come to meet him along with Kedar Gupta and had suggested several plans to make science accessible to common people. With the help of Rajendra Prabhu, several workshops were organised and they remained effective.

उन्होंने कहा कि 84 साल की उम्र में भी राजेंद्र प्रभु जी काफी एक्टिव थे। उनकी तबियत खराब हुई तो उन्हें नोएडा के शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया और इस दौरान मैं लगातार डॉक्टरों से संपर्क में रहा और उनका हालचाल पूछता रहा है लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।

Even at the age of 84, Rajendra Prabhu was very active. When his health deteriorated he was brought to Sharda hospital in Noida where he was in regular touch with doctors attending the ailing journalist. But god willed something else.

श्रद्धांजलि सभा के मौके पर कई वरिष्ठ पत्रकारों ने श्री राजेंद्र प्रभु जी के साथ बिताए अपने दिनों को याद किया। सभी ने कहा कि उन्होंने अपने बीच से एक कर्मठ और ईमानदार मीडिया ट्रेड यूनियन नेता को खो दिया है और राजेंद्र प्रभु जी के स्थान को भरा नहीं जा सकता है

On this occasion, several senior journalists also paid tribute to Rajendra Prabhu and spoke in his memory. However, all of them were of the same view that they have lost a highly dedicated, honest trade union leader.

वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेंद्र प्रभु जी 14 जनवरी को हमलोगों को छोड़ कर चले गए लेकिन वो सदैव हम लोगों के बीच रहेंगे। राजेंद्र प्रभु जी ने 1972 में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी और इसके शीर्ष पदों पर रहे। प्रभु जी ने श्रमजीवी पत्रकारों एवं गैर पत्रकारों के लिए समय-समय पर गठित होने वाले वेतन बोर्डों में ट्रेड यूनियन नेता के तौर पर सक्रिय योगदान दिया।

On 14 January, Rajendra Prabhu left for the heavenly abode. Despite this, he will continue to be with us in the shape of memory. Rajendra Prabhu had played a key role in the establishment of NUJ in 1972. He used to actively support wage boards instituted for journalists and non-journalists.