22 अक्टूबर 2019: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, देश से पोलियो वायरस के उन्मूलन की महत्वपूर्ण यात्रा के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। 31 अक्टूबर 2019 को दिल्ली में पल्स पोलियो की रजत जयंती मनाने और जीवन रक्षक टीकों के साथ प्रत्येक बच्चे तक पहुंचने की प्रतिज्ञा के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कई दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है जो 1994 में राज्य सरकार के अधिकारियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ पोलियो उन्मूलन के लिए मैदान से जुड़े थे। आज केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय के मुख्यालय में पल्स पोलियो कार्यक्रम की रजत जयंती समारोह पर एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश में सफल पल्स पोलियो अभियान के 25 साल पूरे होने के अवसर पर आगामी 31 अक्तूबर को दिल्ली में एक भव्य समारोह होगा। 1988 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी विश्व स्वास्थ्य असेंबली में इस बात का संकल्प लिया था कि वो दुनिया से पोलियो को समाप्त करेगा। उस समय दुनिया के 60% पोलियो ग्रस्त बच्चे भारत में हुआ करते थे और कोई भी इसे खत्म करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। लोग इसे असंभव मानते थे। लेकिन हमने सभी के सहयोग से इसे खत्म कर दिखाया।



उन्होंने कहा कि दिल्ली में 1994 में हमारी सरकार बनने के बाद हमने समाज के लोगों को इसमें शामिल किया। इस अभियान को लेकर जो लोग निराशाजनक बातें करते थे, उनसे मैं एक ही बात कहता था कि अगर हम देश में सभी लोगों तक बैलेट पेपर पहुंचा सकते हैं तो अपने बच्चों तक पोलियो की खुराक क्यों नहीं पहुंचा सकते। विश्व स्वास्थ संगठन ने 2014 में लगातार तीन साल तक कोई भी पोलियो का मामला सामने नही आने के कारण भारत को पोलियो मुक्त राष्ट्र घोषित किया था।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि 31 अक्टूबर को हम सिर्फ Pulse Polio अभियान की सफलता का जश्न ही नहीं मनाएंगे, बल्कि देश को मुफ्त टीकाकरण के प्रति जागरूक करने का संकल्प भी लेंगे। मिशन इंद्र धनुष 2.0 के तहत हमारा हर एक बच्चे तक टीकाकरण अभियान को पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ भी हमारी जंग जारी है। टीबी हारेगा,देश जीतेगा। आने वाले समय में हमें काला ज़ार को भी जड़ से समाप्त करना है । इसके साथ ही मिजल्स, मलेरिया और फायलेरिया को भी हमें खात्मे की तरफ लेकर जाना है ।