22 नवंबर 2019: आज भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश कार्यालय में दिल्ली भाजपा ने दूषित पानी को लेकर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस पत्रकार वार्ता में दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष मनोज तिवारी, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्षवर्धन, सांसद विजय गोयल, प्रवेश वर्मा, मीनाक्षी लेखी जी मौजूद थीं।



पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली की हर गली में गंदे पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार झूठ बोलकर दिल्ली की जनता को भ्रमित कर रहे हैं । झूठ बोलने में अरविंद केजरीवाल जी का कोई मुक़ाबला नहीं है और यह बात पूरा देश जनता है। उन्होंने कहा कि BIS एक ऐसी संस्था है जिसको अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से भी मान्यता प्राप्त है। 1947 से आज तक BIS पर एक भी व्यक्ति ने सवाल नहीं उठाए। दिल्ली के मुख्यमंत्री पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो इसपर सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के अलावा 13 और शहरोंं के पानी के सैम्पल फेल हुए लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री को छोड़कर किसी किसी और राज्य की सरकार ने सवाल नहीं उठाए। एक ज़िम्मेदार मुख्यमंत्री को इतनी बड़ी संस्था पर सवाल उठाने की बजाय रिपोर्ट का अध्ययन कर उस कमी को दूर करने के लिए काम करना चाहिए था। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर जो बच्चों के और दिल्ली की जनता के स्वास्थ से जुड़ा हुआ है उसपर भी दिल्ली के मुख्यमंत्री राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज सुबह दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को मीटिंग के लिए बुलाया गया था लेकिन वो नहीं आए क्यूँकि उनके पास बोलने को कुछ नहीं है।

इससे पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि केजरीवाल जी आपने अपनी नाकामी छुपाने के लिए BIS पर ही सवाल उठा दिया। क्या आप दिल्ली की जनता जो कह रही है उसे झूठा बता रहे हैं। दिल्ली के लोग झूठे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के 300 सैम्पल फेल हुए और हमने दिल्ली के मुख्यमंत्री को बताना चाहा तो वो ग़ुस्सा हो गए की सिर्फ़ दिल्ली के ही पानी की क्यों जाँच कर रहे हैं। जिसके बाद केंद्र सरकार ने 21 शहरो के पानी की जाँच की।