04 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज आज स्वास्थ्य मंत्रालय के मुख्यालय, निर्माण भवन, में National Medical Commission पर एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि NMC को बनाने के पीछे वर्षों से चली आ रही करप्ट और नकारा व्यवस्था को खत्म कर प्रारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना था। इस एक्ट में जो भी प्रावधान हैं उसके पीछ विचार यही है कि किसी भी चीज में किसी तरह का समझौता न हो । हम इस प्रक्रिया में मीडिया को पूरी तरह से शाामिल करना चाहते हैं ताकि हमें इसका फीडबैक मिलता रहे। NMC के किसी भी स्तर पर कोई भ्रम नहीं रहना चाहिए। पत्रकारों को इसके हर प्रावधान पर पूरी और सटीक जानकारी होना जरूरी है ताकि देश के अधिक से अधिक लोग इससे लाभांवित हो सकें। एक सवाल के जवाब में डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि वाइस चांसलर के नामांकन के लिए सरकार ने विज्ञापन जारी कर दिया है और आने वाले समय में वाइस चांसलर या स्टेट मेडिकल काउंसिल के प्रतिनिधियों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी। हमें मीडिया से किसी बात को भी साझा करने में कोई परेशानी नहीं है क्योंकि हमारी तरफ से पूरी व्यवस्था पारदर्शी है। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि NMC सही समय पर उच्च स्तर की बने और आगे चलकर लोगों के हित में कार्य करे।



उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाले 5 से 7 वर्षों में चिकित्सा शिक्षा को उच्च स्तर तक पहुंचाने और WHO द्वारा जनसंख्या के आधार पर डाक्टरों की नियुक्ति के लिए बनाए गए नियमों को देश में लागू करने का है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ NMC की प्रक्रिया पर काम कर रही है, हम सिर्फ नियम और गाइडलाइन बनाकर दे रहे हैं। अंत में NMC की 33 सदस्यीय कमेटी ही सर्वेसर्वा होगी जो आगे चलकर इसपर काम करेगी। Community Health Providers पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इसकी अवधारणा WHO की है और यह प्रक्रिया विश्व के कई विकसित देशों में पहले से लागू है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि NMC के अंतर्गत हर चीज को रेगुलेट करने के साथ राज्यों के लिए भी गाइडलाइन बनाई गई हैं, लेकिन NMC के सदस्य ही इसपर विचार करेंगे। सरकार का इस संबंध में कोई हस्तक्षेप नही रहेगा। सरकार इस बात का जरूर ध्यान रखेगी कि जो भी कार्य हो रहे हैं वो नियमों के तहत हों। उन्होंने कहा कि गलती, गड़बड़ी, बेईमानी और भ्रष्टाचार को ना तो अनदेखा किया जाएगा और ना ही बर्दाश्त किया जाएगा। सिस्टम में जो भी गड़बड़ी होगी उसे तुरंत प्रभाव से खत्म करके उचित कार्रवाई की जाएगी।