10 दिसंबर-2019: आज राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान आज दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने एनीमिया से जुड़े एक सवाल के जवाब में बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय पोषण मिशन शुरू किया है। इसके अलावा लोगों को एनीमिया के प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले एक साल में 6 लाख से अधिक कैंप लगाए हैं।



राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि पिछली सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद देश में एनीमिया का प्रतिशत 50 से 60 % बना हुआ था। इसे देखते हुए 2015 में भारत सरकार ने एनीमिया को बहुत गंभीरता से लिया। अब कोशिश है कि हर साल इसमें 3% की कमी लाई जा सके। उन्होंने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत के तहत जिला स्तर पर एक नोडल ऑफिसर की तैनाती गई है और अभियान से जुड़े लोगों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रशिक्षण कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।13 राज्यों में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।

राज्यसभा में आयुष्मान भारत से जुड़े एक सवाल के जवाब में डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि दिल्ली समेत चार राज्यों ने इस योजना को लागू नहीं किया है। इसके कारण बड़ी संख्या में दिल्ली के गरीबों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत के लिए बेहतरीन आईटी प्रणाली का इस्तेमाल हो रहा है, ताकि किसी भी तरह की जालसाजी को रोका जा सके। केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि अब तक बीस हजार से अधिक सरकारी व निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ चुके हैं।

राज्यसभा में कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की, कि इस मामले में दोषियों को सजा की दर बहुत कम है। उन्होंने सदन को बताया कि दोषियों को सजा देने का विषय राज्य सरकारों से जुड़ा है। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए विशेष रुप से प्रशिक्षित टीमों को लगाया जाता है। निरीक्षण टीम के सदस्यों को समय-समय पर हर नई तकनीक की जानकारी दी जाती है, ताकि किसी भी गड़बड़ी को वो आसानी से पकड़ सकें।

राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। केंद्र सरकार नेशनल हेल्थ मिशन के तहत जिला अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मातृ एवं बाल विकास केंद्रों को विशेष सहायता प्रदान करती है। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि अगले दो -तीन वर्षों में 75 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। ये मेडिकल कॉलेज उन जिलों में खोले जाएंगे, जहां पर मेडिकल कॉलेज नही हैं। सरकार उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है जो पिछड़े हुए हैं।