24 दिसंबर 2019: केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान व प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन आज दिल्ली में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के 20वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल में उनके सहयोगी अश्विनी कुमार चौबे व अपोलो अस्पताल के संस्थापक व अध्यक्ष, प्रताप सी रेड्डी मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह में 5348 डॉक्टरों को DNB, 191 को FNB की डिग्री प्रदान की गई। इस दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 75 डॉक्टरों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।



सम्मानित डॉक्टरों को बधाई देते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच एक खास और पवित्र रिश्ता है जो विश्वास पर आधारित होता है तभी एक मरीज आपके सक्षम हाथों में अपने जीवन को रखता है। उन्होंने कामना करते हुए कहा कि आप अपनी सभी शक्तियों के साथ इसे सुरक्षित रखने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गर्भवती होना किसी महिला के लिए अभिशाप न बने व मातृ मृत्यु दर में न सिर्फ कमी आए बल्कि यह पूरी तरह ख़त्म हो।

केन्द्रीय मंत्री ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले डॉक्टरों से कहा कि आप लोग गोल्ड मेडल लेकर घर जाते समय अपने लिए एक असाधारण व असंभव सा लगने वाला सपना देखें और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करके कुछ ऐसा मॉडल विकसित करने की कोशिश करें जिसका दूसरों द्वारा अनुकरण किया जा सके।

उन्होंने कहा कि मेरा व्यक्तिगत अनुभव कहता है कि किसी भी नागरिक के पास देशहित में कोई नया आइडिया है तो सरकार उसे मूर्तिरूप देने में हरसंभव मदद करेगी। जिंदगी में ख़राब किस्मत वाला भी ईमानदारी से अपने कार्य को करके सफलता की चरम सीमा तक पहुंच सकता है। आप सब ईमानदारी व लगन से काम करें और अपने सपने के साथ-साथ पीएम नरेन्द्र मोदी के 2022 तक 'नए भारत' के सपने को साकार करने में अपना योगदान दें।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, सरकार सभी को सस्ती गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रही है। चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मैंने कहा कि इस दौरान एम्स की संख्या अब बढ़कर 21 हो गई है और देश के मुख्य जिलों में 157 मेडिकल कॉलेजों की स्थापना भी प्रगति पर है ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। हमारी सरकार के दौरान स्नातक और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।