03 नवंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन आज चेन्नई में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के साथ राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए । संस्थान के रजत जयंती समारोह में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने स्वयं को विश्व में एक सफल संस्थान के रूप में स्थापित किया है, जो विभिन्न समुद्री प्रौद्योगिकियों पर कार्य कर रहा है। संस्थान तकनीक के विस्तारण पर भी कार्य कर रहा है ताकि देश का नागरिक इसका लाभ उठा सके।



राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान के रजत जयंती समारोह में संस्थान की शानदार उपलब्धियों के लिए उसके वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए डॉ हर्ष वर्धन कहा कि ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं पिछले पांच साल से विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान का मंत्री हूं। उन्होंने कहा कि 2004 से पहले हमें सुनामी के बारे में कुछ भी पता नहीं था, जिसके कारण उस दौरान आई सुनामी में भारी जान-मान का नुकसान हुआ था लेकिन आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारे पास दुनिया की बेहतरीन सुनामी चेतावनी प्रणाली है। आज मौसम के सटीक पूर्वानुमान का फायदा देश के किसानों को भी मिल रहा है। 2015 में विभाग द्वारा 1 करोड़ से अधिक किसानों को मौसम की जानकारी दी जा रही थी लेकिन आज 4 करोड़ से भी ज्यादा किसान इसका फायदा उठा रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि देश की जीडीपी मतबूत हुई है और किसानों को पहले से बेहतर उपज प्राप्त हो रही है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान समुद्र प्रेषण को लागू करने वाला एक प्रमुख संस्थान है, जिसमें मानव निर्मित-पनडुब्बी का विकास, बड़े पैमाने पर अपतटीय विलवणीकरण, समुद्री औषणिक ऊर्जा रूपांतरण (OTEC), समुद्र का व्यापक सर्वेक्षण, नए जहाज़ो का अधिग्रहण जैसे महासागर प्रौद्योगिकी के सभी क्षेत्र शामिल हैं। राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान ने स्वयं को विश्व के प्रमुख संस्थानों में से एक सफल संस्थान के रूप में स्थापित किया है, जो विभिन्न समुद्री प्रौद्योगिकियों पर कार्य कर रहा है। इस दौरान, राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान ने सोशल एप्लिकेशन हेतु विलवणीकरण संयंत्र, भारतीय जल से वास्तविक समय समुद्री आंकड़ों का एकत्रीकरण, खुले समुद्र में समुद्री केज कल्चर, तट संरक्षण जैसी अनेक तकनीकों का प्रदर्शन किया है। संस्थान इन तकनीकों के निरंतर विस्तारण पर भी कार्य कर रहा है ताकि देश का आम नागरिक भी इन तकनीकों का लाभ उठा सके।

राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान ने गहरे समुद्र से मैंगनीज नोड्यूल्स खनन हेतु अनेक प्रौद्योगिकियां विकसित की हैं, रिमोट संचालित वाहन जैसी अनेक गहरी समुद्र प्रणालियों का विकास इस संस्थान द्वारा किया गया है और भारत को समुद्री प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अन्य विकसित राष्ट्रों के साथ बराबरी पर लाने के लिए यह संस्थान कड़ी मेहनत कर रहा है। संस्थान के बुनियादी ढांचे में अंतर्जलीय प्रणाली और अत्याधुनिक अनुसंधान जहाजों के परीक्षण के लिए हाइपरबेरिक चेंबर शामिल हैं ।

रजत जयंती समारोह के अवसर पर, भारत के उप राष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू द्वारा चेन्नई के लिए "तटीय बाढ़ चेतावनी प्रणाली को लांच किया, जिसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और अन्य संस्थानों ने भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के नेतृत्व में विकसित किया है। माननीय उप राष्ट्रपति द्वारा संस्मरण डाक टिकट का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आयोजित रजत जयंती प्रतियोगिता के विजेता - छात्रों को माननीय उप राष्ट्रपति के कर कमलों से पुरस्कार भी वितरित किए गए।