नई दिल्ली, 9 मार्च 2020: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान-NIHFW के 43वें स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया।



नई दिल्ली के मुनीरका में स्थित इस संस्थान के परिसर में इस अवसर पर संस्थान के डीन प्रो वी के तिवारी जी, निदेशक डॉ हर्षद ठाकुर जी, स्वास्थ्य मंत्रालय के वित्तीय सलाहकार डॉ डी एस गंगवार जी भी उपस्थित थे।

समारोह को संबोधित करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि आज इस बात की जरूरत है कि एक नई ऊर्जा, सटीक रणनीति और दूरदृष्टि के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे सभी सार्वजनिक संगठन आपसी तालमेल के साथ काम करें।

उन्होंने कहा कि सभी जनस्वास्थ्य संस्थानों को बीमारियों से बचाव के तरीकों और मानवीय क्षमता को सशक्त बनाने की रणनीति पर विशेष जोर देना होगा।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि लोगों तक यह संदेश पहुंचाना जरूरी है कि उनकी सेहत की जिम्मेदारी उनकी खुद की है। अगर लोगों तक यह संदेश सही तरीके से पहुंच गया तो सेहत से जुड़ी 80 प्रतिशत परेशानियां स्वयं ही खत्म हो जाएंगीं।

उन्होंने कहा कि NIHFW जैसे संस्थानों की क्षमता का भरपूर इस्तेमाल होना चाहिए और इसके लिए नई सोच विकसित करने की जरूरत है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि संस्थान के संसाधनों के साथ युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा को भी ज्यादा मौका दिए जाने की जरूरत है। इसके साथ-साथ जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उसी रणनीति को फिर अपनाना होगा, जिस रणनीति पर चलकर हमने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में नित नए कीर्तमान स्थापित किए हैं।

उन्होंने कहा कि देश में जनस्वास्थ्य से जुड़े कुछ संस्थान जहां सिर्फ़ बीमारियों से बचाव के तरीकों पर काम कर रहे हैं तो कुछ मानवीय क्षमता को सशक्त बनाने में लगे हुए हैं। मैंने कहा कि ऐसे सभी संस्थानों को मिलकर काम करना चाहिए।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि टीकाकरण नवजात और बच्चों को बचाने का आधार है। मिशन इन्द्रधनुष उन बच्चों तक पहुँचने के लिए शुरू किया गया था, जो दूर-दराज के पिछड़े क्षेत्रों में रहते हैं। जिसमें NIHFW की महत्वपूर्ण भूमिका है।

डॉ हर्ष वर्धन ने इस अवसर पर इसी परिसर में स्थित NCCVMRC का दौरा किया और वहां के क्रिया-कलापों व शोध कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों से भी संवाद किया।

उन्होंने कहा कि आज इस बात की जरूरत है कि एक नई ऊर्जा, सटीक रणनीति और दूरदृष्टि के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे सभी सार्वजनिक संगठन आपसी समन्वय के साथ काम करें। इस अवसर पर डॉ हर्ष वर्धन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान की हिन्दी पत्रिका 'जन स्वास्थ्य धारणा' के रजत जयंती अंक का भी विमोचन किया।