29 अक्टूबर 2019: भारतीय राष्ट्रीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के पूर्व अध्यक्ष और राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य ब्लूप्रिंट (एनडीएचबी) समिति के अध्यक्ष जे. सत्यनारायण ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन को एनडीएचबी की अंतिम रिपोर्ट सौंपी।



रिपोर्ट सौंपने के बाद उसका विवरण देते हुए जे. सत्यनारायण ने उन प्रयासों के बारे में संक्षिप्त रूप से चर्चा की, जिनके परिणामस्वरूप एनडीएचबी की रिपोर्ट तैयार हुई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र से जुड़ी प्राथमिकताओं को शामिल किया था और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की इस सुझाव रिपोर्ट ने इसे पूरा करने की दिशा में मार्ग सुझाए हैं। उन्होंने कहा कि इसे व्यापक स्वास्थ्य सुविधा कवरेज के लक्ष्य तक पहुंचने की दिशा में भारत सरकार का सबसे बड़ा कदम माना जा सकता है, जिसमें डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा घटक पर जोर दिया जा रहा है।

इस अवसर पर हितधारकों से एक समयबद्ध तरीके से राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य ब्लूप्रिंट (एनडीएचबी) को लागू करने की दिशा में काम करने की मांग करते हुए, केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत सरकार सभी दूरस्थ स्थानों तक उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। डिजिटल स्वास्थ्य क्रियाकलापों से इस सुधार में तेजी आ रही है और इसके फलस्वरूप व्यापक स्वास्थ्य सुविधा में समर्थन की अत्यधिक संभावना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य ब्लूप्रिंट (एनडीएचबी) महज एक शुरूआत है, यह हमें स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों को सशक्त बनाने में एक दिशा और एक मार्ग प्रदान करता है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि आज समय की आवश्यकता एक ऐसी पारिस्थितिकी प्रणाली बनाने की है, जो वर्तमान विषम स्वास्थ्य सूचना प्रणाली को एकीकृत कर आगामी कार्यक्रमों के लिए रास्ता दिखा सके। मजबूत और प्रभावी तरीके से स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान करने और उनकी निगरानी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों में तालमेल सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रूपरेखा (एनडीएचपी) के अंतर्गत व्यापक राष्ट्रव्यापी एकीकृत ई-स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में प्रयास किया है।

डॉ हर्ष वर्धन ने डिजिटल भारत कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति के दरवाजे पर सेवाएं देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन की चर्चा करते हुए आशा व्यक्त की कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के कार्यक्रमों के साथ एनडीएचबी लागू करने से प्रत्येक व्यक्ति को लाभ मिलेगा। उन्होंने भारत को डिजिटल स्वास्थ्य देखभाल अर्थव्यवस्था में बदलने के व्यापक कार्यक्रम तैयार करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव सुश्री प्रीति सूदन तथा श्री जे. सत्यनारायण को बधाई दी और सभी हितधारकों से समय-सीमा के अंदर रूपरेखा को लागू करने की दिशा में मिल-जुलकर काम करने का आग्रह किया। इस अवसर पर एनआईसी की महानिदेशक डॉ नीता वर्मा, नीति आयोग में सलाहकार (स्वास्थ्य) श्री आलोक कुमार तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।