बिहार के मुजफ्फरपुर और आस पास के इलाकों में फैले एईएस/जेई की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने बुधवार को पुनः समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने बाल रोग विशेषज्ञों की पांच टीमें व पैरामेडिकल स्टाफ भेजने का निर्देश दिया। ये सभी टीमें मरीजों को दी जा रही मेडिकल सुविधाओं को और मजबूत करने के साथ इलाके में फैल रही बीमारी पर निगरानी रखेंगी। इन टीमों में 10 बाल रोग विशेषज्ञ (पांच वरिष्ठ सलाहकार) के अलावा राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की 5 पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें भी शामिल हैं।


Union Minister of Health and Family Welfare, Dr Harsh Vardhan today held a review meeting over rising AES cases in Muzaffarpur again. In the meeting, Dr Harsh Vardhan directed offcials to send five teams of senior pediatricians and para-medics to Muzaffarpur immediately to further strengthen the state efforts and measures in the affected districts. Ten pediatricians (including five senior consultants) and five para-medics from RML Hospital, Safdarjung and Lady Hardinge Medical College will be part of the five teams.



डॉ हर्ष वर्धन ने कहा," ये टीमें मरीजों को मेडिकल सुविधाओं में सहयोग करने के साथ आस पास के क्षेत्रों में फैली बीमारी पर निगरानी भी रखेंगी।"



Dr Harsh Vardhan said, “the teams will strengthen the clinical care to the existing patients in the hospitals and also strengthen surveillance of cases from the peripheral areas”



केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री लव अग्रवाल, पिछले 3 दिनों से हालात पर निगरानी के लिए बिहार के प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के लिए टीमों का गठन किया गया है, जो इस बीमारी और लोगों की आर्थिक स्थिति के संबंध के बारे में भी जानकारी एकत्र करेगी।

The Union Minister said that a high-level central team led by Shri Lav Agarwal Ji, Joint Secretary in the Ministry of Health and Family Welfare been permanently stationed in the area to monitor the operations since the past three days. Teams have also been constituted for socio-economic survey in these areas to identify and pin point causes linked with the economic status.

डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि इसके अलावा जिले के सबसे अधिक प्रभावित प्रखंडों में 10 अतिरिक्त एम्बुलेंस दिन-रात काम पर लगी हुईं हैं। साथ ही सबसे प्रभावित प्रखंडों के प्राथमिक सुविधा केंद्रों पर 16 नोडल अधिकारियों को तैनात किया गया है, जिनमें वरिष्ठ डॉक्टर व प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत और सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य सरकार ने भी पीड़ितों को एंबुलेंस से शिफ्ट करने के खर्च को खुद वहन करने का प्रावधान किया है।

Dr Harsh Vardhan also said that ten additional ambulances have been put into action in the most affected blocks of the districts for round the clock services. Also, 16 nodal officers (teams of senior doctors and an administrative officer) have been deployed at the PHCs in the affected blocks. To further strengthen the health infrastructure and facilitate the transportation of patients to the health facilities, the State Government has also made a provision to reimburse the ambulance charges if the patients are shifted privately by the family to the hospitals.