बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम या चमकी बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन स्थिति का जायजा लेने एवं समीक्षा करने के लिए आज मुजफ्फरपुर पहुंचे।


Union Minister for Health and Family Welfare, Science and Technology, and Earth Sciences, Dr Harsh Vardhan today reached Muzaffarpur via Patna to take stock of the situation arising from the deadly encephalitis.



केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के साथ डॉ हर्षवर्धन ने श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा कर मरीजों व उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पूरी तत्परता से राज्य के लोगों के साथ खड़ी है और इस घातक बीमारी से निपटने के लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।



After reaching Muzaffarpur, he rushed to Sri Krishna Medical College and Hospital and met patients and their attendants. MoS Shri Ashwani Chaubey Ji and Bihar Health Minister Shri Mangal Pandey Ji had also accompanied the Union Minister during his visit to SKMCH. Dr Harsh Vardhan said the Centre stands with the people of the state in the hour of the crisis and it is sparing no efforts to tackle this fatal disease.



डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और एईएस मामलों के प्रबंधन में राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता कर रहा है। उन्होंने कहा प्रभावित इलाकों में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के स्वास्थ्य कर्मचारियों की मौजूदगी और उनके द्वारा उठाए गए बचाव कार्यों ने लोगों के बीच भरोसा जगाया है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही एईएस सिंड्रोम के मामलों को बढ़ने से रोकने में सक्षम होंगे।

Dr Harsh Vardhan said his ministry is regularly monitoring the situation and is extending all requisite assistance to the state to fight off the menace of encephalitis. Dr Harsh Vardhan, however, expressed his hope that soon quality measures will be found out to deal with the disease which affects children.

डॉ हर्षवर्धन ने अधिकारियों को आदेश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी ना हो। अस्पताल में जीवन रक्षक उपकरणों की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक उच्च स्तरीय रिसर्च की व्यवस्था मुजफ्फरपुर में करने की जरूरत है। हमें इन मामलों को राकने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे ताकि एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम रोका जा सके।

Before leaving SKMCH, Dr Harsh Vardhan held a review meeting with health officials and doctors in Muzaffarpur and directed them to ensure that there is no problem with patients and their attendants. He also hinted of setting up a top-class research centre in the city to tackle AES