June 23: In the health sector, a lot of works have to be done. Though there are challenges but they can be overcome with dedication, passion and commitment. Under the ambitious Ayushman Bharat Yojna, as many as 1,50,000 health and wellness centres are being opened, which will help in developing a positive movement towards health in the country. Also, motivated doctors, social activists or volunteers can play a significant role in developing a positive attitude towards health in society.


23 जून: पिछले 5 वर्षों के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में कई ऐतिहासिक काम हुए हैं लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। समर्पण, जुनून और प्रतिबद्धता से स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। देश के 50 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखते हुए महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के अलावा करीब 1,50,000 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स खोले जा रहे हैं ताकि देश में स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक माहौल बनाया जा सके। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि मोटिवेटेड डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयंसेवक, लोगों में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



This is what Union Minister for Health and Family Welfare, Science and Technology and Earth Sciences Dr Harsh Vardhan said while attending a function organized by Bhaorao Devras Sewa Nyas to facilitate social activists who worked during “Netra Kumbh,” held from January 12 to March 4, 2019 in Prayagraj. Through this initiative, pilgrims coming to attend the biggest gathering of spirituality and humanity in Prayagraj were provided free eye check-up and screening.



यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा प्रयागराज में 12 जनवरी से 4 मार्च तक आयोजित 'नेत्र कुंभ' के दौरान काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों और संस्थानों को सम्मानित करते हुए कही। 'नेत्र कुंभ' के दौरान तीर्थयात्रियों को नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा के साथ लोगों के बीच चश्मे वितरित किए गए।



SAKSHAM along with Bhaorao Devras Sewa Nyas, National Medicos Organisation, Sir Ganga Ram Kolmet Hospital, Rajju Bhaiya Nyas, The Hans Foundation and volunteers from all spheres of life, played an important role in making “Netra Kumbh” a successful event. He said any issue can be resolved in the society with the right display of camaraderie, commitment and devotion by people. To this regard, the Union Minister said, his anti-Polio drive of the 1990s is an example.

प्रयागराज में आयोजित 'नेत्र कुंभ' को सफल बनाने में भाऊराव देवरस सेवा न्यास, सक्षम, सर गंगा राम कोलमेट हॉस्पिटल, रज्जू भैया सेवा न्याय समेत कई संस्थानों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों को अगले कुंभ तक इंतज़ार किए बगैर वर्ष भर करने की ज़रूरत है।अच्छे कार्यों के साथ लोग स्वयं जुड़ जाते हैं। आज का यह कार्यक्रम और 1990 के दशक का उनका 'पोलियो अभियान' एक उदाहरण है।