23 अक्टूबर 2019: केंद्र सरकार ने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला किया है जिससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनी में रहने वाले कम से कम 40 लाख लोगों को मालिकाना हक मिलेगा। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली के 40 लाख लोगों के लिए आज का दिन दिवाली से कम नहीं है और दिल्ली की 1700 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों में जश्न मन रहा है। दिल्ली वासियों के जश्न में शामिल होने से मैं खुद को नहीं रोक पाया।



डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि दिल्ली की 1700 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी एक ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला दिल्ली के लाखों लोगों के जीवन में नया बदलाव लाएगा। इस फैसले के लिए दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद करता हूं। सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों के लोग अब अपनी जमीन की खरीद-बिक्री से लेकर लोन तक ले सकेंगे। दिल्ली के 40 लाख से अधिक लोगों को लंबे समय से इसका इंतज़ार था। आखिर मोदी जी ने उनकी समस्या का समाधान कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी सरकार के शहरी विकास मंत्रालय और गृहमंत्री अमित शाह ने गहराई से अध्ययन करने के बाद यह ऐतिहासिक फैसला किया है। केन्द्र सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली के गरीब लोग हमेशा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऋणी रहेंगे।

इससे पहले केन्द्रीय कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उसका मालिकाना हक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग घर बनाने के लिए अब लोन ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऑनरशिप मिलने के बाद इन कॉलोनियों में सड़कें बनेंगी, सीवर बनेगा और पार्क बनेंगे। उन्होंने कहा कि बेहद मामूली रेट पर जमीन की रजिस्ट्री होगी। सरकार ने इस कदम को दिल्ली के लिए दूरगामी, विकासशील और क्रांतिकारी कदम बताया है।