नई दिल्ली,20 फरवरी, 2020: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन आज मुंबई के राष्ट्रीय प्रजनन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान-@icmrnirrh पहुंचे, यह भारतीय चिकित्सा अनुसन्धान परिषद-ICMR का एक संस्थान है, जो आज अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर स्वर्ण जयंती मना रहा है। इस अवसर पर आज डॉ हर्ष वर्धन ने @icmrnirrh नेहरू सेंटर, मुंबई में आयोजित 'महिला प्रजनन स्वास्थ्य: जीवन की गुणवत्ता में सुधार का एक कदम' विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।



यह संस्थान प्रजनन प्रौद्योगिकी में अग्रणी संस्थान है। 1986 में पहला परखनली शिशु यहाँ पैदा होने के बाद प्रजनन सम्बन्धी समस्या से जूझ रही लाखों महिलाओं को एक बड़ी को राहत मिली थी।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए, डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि सभी चिकित्सा पेशेवरों को प्रजनन के दौरान मातृ मृत्यु की घटना की जिम्मेदारी उठानी होगी और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि गर्भावस्था के दौरान इस देश में एक भी महिला की मृत्यु न हो।

डॉ हर्ष वर्धन ने IVF तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ सुभाष मुखर्जी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इतिहास ने उनके साथ न्याय नहीं किया और उनका जीवन ICMR के हर एक कर्मचारी के लिए प्रेरणादायक है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ये जुनून है कि 2025 तक देश से TB का पूरी तरह से उन्मूलन होना चाहिए और स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते हम पोलियो की तरह TB को भी समय से पहले खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।