29 सितंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन आज अपने संसदीय क्षेत्र के महाराजा अग्रसेन पार्क में आयोजित अग्रसेन जयंती समारोह में शामिल हुए और उन्होंने महाराजा अग्रसेन जी के चित्र पर पुष्पार्पण किया। इस अवसर पर यहाँ उन्होंने नेत्रहीन बच्चों को सहायता राशि देने के साथ समाजसेवा में लगे लोगों को सम्मानित भी किया। अग्रोहा विकास ट्रस्ट और वैश्य मानव सेवा संघ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के चरणों को नमन् करता हूं। उन्होंने कहा कि हमलोग बहुत भाग्यशाली हैं कि हम सब महाराज अग्रसेन के वंशज हैं और उनका वंशज होना बड़े सौभाग्य की बात है। नि:स्वार्थ भाव से सेवा ही असली धर्म है, सेवा ही ईश्वर की पूजा है। यह बात महाराजा अग्रसेन ने न सिर्फ समाज को सिखाई बल्कि उसको अपने जीवन में उतार कर भी दिखाया। महाराजा अग्रसेन समाजवाद के अग्रदूत, कर्मयोगी, गरीबों का उत्थान और सामाजिक समरसता की बात करते थे। महाराजा अग्रसेन जी द्वारा दिए गए सद्भाव के संदेश व विचार, हम सभी के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि महाराज अग्रसेन के विचारों का पालन करते हुए हम लोग सामाजिक समरसता से पूर्ण समाज को विकसित करेंगे।



डॉ हर्ष वर्धन कहा कि इस बार की गांधी जयंती हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2 अक्टूबर 2019 को पल्स पोलियो अभियान के 25 साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि 1994 में जब मैंने दिल्ली में पल्स पोलियो अभियान की शुरूआत की थी तो अग्रोहा विकास ट्रस्ट ने इस अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने लोगों से अपने आस-पास सफाई रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब से स्वच्छता अभियान शुरू किया है, देश में सफाई को दायरा बढ़ गया है और इसके लिए अभी अमेरिका में प्रधानमंत्री जी को सम्मानित भी किया गया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी अन्य क्षेत्रों में जनहित का काम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को कई देशों ने सम्मानित किया है जो देशवासियों के लिए गर्व की बात है।

महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन दिल्ली के शक्ति नगर में माता की चौकी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने माता के मंदिर में माथा टेका और पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने लोगों के बीच बैठकर भजन-कीर्तन का आनंद लिया।