नई दिल्ली, 12 फरवरी, 2020: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज राष्ट्रीय क्षय रोग संस्थान और श्वसन केंद्र, नई दिल्ली में एमडीआर-टीबी पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय सलाहकार समिति की वार्षिक बैठक का उद्घाटन किया।



इस अवसर पर डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, सभी राज्यों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और टीबी उन्मूलन को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। कई राज्यों ने टी बी उन्मूलन के लिए लक्ष्य को आगे बढ़ा दिया है ताकि वास्तविक प्रयासों में तेज़ी आ सके।

अपने संबोधन के दौरान, डॉ हर्ष वर्धन ने इस बारे में बात की कि विभिन्न उच्चस्तरीय हस्तक्षेप जैसे कि अन्य मंत्रालयों की भागीदारी, राष्ट्रव्यापी अभियान, ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ की शुरूआत और नैदानिक प्रयोगशालाओं की स्थापना किस प्रकार की जा रही है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि कुल 23 लाख टीबी अधिसूचनाएं पूरी कर ली गई हैं और 2019 में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की टीबी अधिसूचनाओं में सुधार हुआ है, लेकिन टीबी के उपचार को पूरा करने के लिए अभी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत एक विविधता पूर्ण देश होने के नाते यहाँ पर स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारत सही दिशा में हैं और इसीलिए 2025 तक टी बी उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता वाली सूची में रखा गया है और इसकी उच्चतम स्तर पर निगरानी की जा रही है ।