6 दिसंबर-2019:केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पर्यावरण में विषैले तत्वों से जुड़े एक सवाल के जवाब में सदन को बताया कि इस मुद्दे पर दिल्ली AIIMS समेत देश भर के 20 संस्थानों में शोध चल रहा है। इस दिशा में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ पर्यावरण मंत्रालय व विज्ञान और प्रौद्योगिकी की विभिन्न एजेंसियां मिलकर काम कर रही है।



एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कैंसर रोग होने के कई कारण हैं। इन कारणों में पर्यावरण में फैले विषैले तत्व भी शामिल हैं, बेशक वो कहीं से भी आ रहे हों। मैंने इस बात पर जोर दिया कि कैंसर से लड़ने के लिए समाज में जागरूकता बहुत जरूरी है।

दुर्लभ रोगों से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में डॉ हर्ष वर्धन ने सदन को बताया कि देश में थैलेसीमिया,हीमोफीलिया व सिकल सेल एनीमिया के उपचार के लिए जिला अस्पताल से लेकर AIIMS तक में व्यवस्था है। NHM के तहत केंद्र द्वारा राज्यों को इन रोगों के इलाज के लिए हर संभव मदद दी जाती है।

कोलकाता में फैले डेंगू के मामले पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत केन्द्र सरकार राज्यों को पूरी तरह मदद करती है लेकिन इस तरह के रोगों के लिए लोगों में जागरूकता फैलाना सबसे कारगर साबित होता है।

मानसिक रोग पर सदन में पूछें गए सवाल पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि मानसिक बीमारी न सिर्फ अपने देश की बल्कि विश्व की बड़ी समस्या है। देश में फ़िलहाल 41 मेंटल अस्पताल हैं। सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों, मेडिकल कॉलेज व मनाेराेग विभागों की सुविधाएं बढ़ाने और उन्हें विकसित करने के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है।

देश में ट्रॉमा सेंटर को लेकर डॉ हर्ष वर्धन ने सदन को बताया कि भारत सरकार ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए सभी राज्य सरकारों को पर्याप्त सहायता देती है।अगर किसी राज्य में डॉक्टरों की कमी है तो हमने You Quote, We Pay' के तहत राज्य सरकारों को अनुमति दी है कि इस सिद्धांत को अपनाकर आप डॉक्टरों की भर्ती कर सकते हैं।