7 फरवरी, 2020: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने लोकसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान आयुष्मान भारत योजना से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दिल्ली, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और ओडिशा राज्यों ने इस योजना को लागू नहीं किया है, जबकि अब तक 82 लाख लोग इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।



उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में करीब 55 करोड़ गरीब लोग कवर होते हैं। इस योजना के तहत करीब 28 हज़ार हैल्थ और वैलनेस सेंटर बन चुके हैं और मार्च 2020 तक ये 40,000 हो जाएंगे। इसके अलावा 31 दिसम्बर 2022 तक कुल 1,50,000 ऐसे सेंटर खोले जाने का लक्ष्य है।

डॉ हर्ष वर्धन ने आयुष्मान हेल्थ कार्ड से संबंधित एक सवाल के जवाब में बताया कि लाभार्थियों की पहचान एक सतत प्रक्रिया है और आयुष्मान भारत-PMJAY ई-कार्ड जारी करने की जिम्मेदारी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पास है। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि 3 फरवरी 2020 तक 12 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को हेल्थ कार्ड जारी किये जा चुके हैं और देश के 22 हजार अस्पतालों में एक-एक आरोग्य मित्र है जो मरीजों की मदद करते हैं और किसी अन्य परेशानी में मरीज कस्टमर केयर 14555 पर कॉल करके भी सहायता ले सकते हैं।

डॉ हर्ष वर्धन ने आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के विनियमन से जुड़े एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि नीति आयोग ने विस्तृत चर्चा के बाद नेशनल स्ट्रेटेजी फॉर आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस पर एक दस्तावेज तैयार किया है।

बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवा से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इनके लिए देश में 2 राष्ट्रीय स्वास्थ्य केंद्र हैं व प्रत्येक को 270 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 19 क्षेत्रीय केंद्र व 713 जिला अस्पताल भी विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए हैं।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत लाभार्थियों की पहचान एक सतत प्रक्रिया है और AB-PMJAY ई-कार्ड जारी करने की जिम्मेदारी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पास है।