10 फरवरी, 2020: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने लोकसभा के चालू बजट सत्र के दौरान आज माननीय सदस्यों को नोवल कोरोना वायरस के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने इस रोग को लेकर भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी। डॉ हर्ष वर्धन ने सदस्यों को नोवल कोरोना वायरस के प्रकोप की पृष्ठभूमि से अवगत कराते हुए बताया कि पहली बार इस रोग के बारे में चीन से 31 दिसम्बर, 2019 को सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि प्रारम्भ में इस प्रकोप को चीन के हुबेई प्रान्त के वुहान शहर में सीफूड बाजार में दिसम्बर, 2019 के शुरू में नोटिस किया गया था तथा बहुत ही कम समय में यह चीन के सभी प्रान्तों में फैल गया।



इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 30 जनवरी, 2020 को इस महामारी को “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न” (पीएचआईईसी) घोषित कर दिया। डॉ हर्ष वर्धन ने सदन को बताया कि भारत मे, केरल से अब तक तीन पॉजिटिव मामलों की रिपोर्ट आई है और इन सभी मामलों का इतिहास चीन के वुहान शहर से जुड़ा है। पॉजिटिव पाए गए सभी मरीजों को अलग रखा हैं और उन्हें नैदानिक रूप से स्थिर बताया गया है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि इस महामारी की बढ़ती हुई घटना को देखते हुए न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र द्वारा बल्कि सभी सरकारी क्षेत्रों द्वारा ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इस रोग को फैलने से रोकने और सीमित रखने हेतु भारत सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि मैं नियमित रूप से इसकी समीक्षा कर रहा हूँ।

डॉ हर्ष वर्धन ने सदन को बताया कि स्थिति पर निगरानी रखने के लिए उनकी अध्यक्षता में एक मंत्री समूह का गठन किया गया है, जिसमें विदेश मंत्री, नागर विमानन मंत्री एवं गृह राज्य मंत्री, नौवहन राज्य मंत्री और स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण राज्य मंत्री शामिल हैं।

इस रोग को लेकर सरकार की तैयारियों की चर्चा करते हुए मैंने बताया कि जोखिम संप्रेषण सामग्री तैयार की जा चुकी है और राज्यों के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसार किया जा रहा है। स्वांस्थ्य मंत्रालय द्वारा रोज प्रेस ब्रीफिंग की जा रही है और सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना साझा की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय में कोरोना वायरस पर निगरानी रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसका नंबर - 011-23978046 है

डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि भारत सरकार ने नोवल कोरोनावायरस रोग से उत्पन्न चुनौती का सामना करने के लिए अन्य देशों को भी सहायता उपलब्ध कराई है। आईसीएमआर ने दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्रीय सहयोग के सदस्य देशों के समक्ष नमूनों की जाँच का प्रस्ताव रखा है।