07 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने स्व बैकुंठ लाल शर्मा 'प्रेम' की स्मृति में गुरुद्वारा रकाबगंज में आयोजित प्रार्थना सभा में नतमस्तक होकर उनको अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की।



उनके परिवार को सांत्वना देने के बाद डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि 1991 के उनके चुनाव में पहली बार मुझे संघ के स्वयं सेवक के रूप में काम करने का सौभाग्य मिला और तब से लेकर पिछले 25 साल तक हमने प्रेम जी को बहुत नजदीक से देखा और समझा। प्रेम जी राजनीति के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों के लिए आदर्श थे। ईमानदारी का कोई उदाहरण हो सकता है तो वो प्रेम जी थे। प्रेम जी ने राजनीति में रहते हुए जिस तरह के उच्च आदर्शों को अपनाया वो सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि संसद सदस्य तो कई लोग बनते हैं लेकिन मुझे ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिला जो राजनीति रास न आने के कारण अपनी संसद सदस्यता को छोड़ दे। उन्होंने कहा कि प्रेम जी के गुणों को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि मैंने जितनी जानकारी भारतीय इतिहास में प्राप्त की है उसमें खालसा पंथ का इतिहास मुझे सबसे अधिक प्रिय और प्रेरणादायक लगता है और जब मैंने देखा कि प्रेम जी ने अपने जीवन में खालसा पंथ को अपनाया तो मेरे मन में उनके लिए श्रद्धा का भाव जागृत हुआ। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लोगों को अखंड भारत के लिए प्रेरित करने में लगा दिया। उन्होने कहा कि प्रेम जी हमें सदा याद आएंगे। वो अभी भले ही हमारे बीच न हों लेकिन अपने आदर्श और मूल्यों के कारण वो हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगे और सदैव सदैव हमारे प्रेरणा स्रोत रहेंगे ।