16 सितंबर 2019: बेंगलुरू दौरे पर गए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया व आधारशिला रखी। सबसे पहले उन्होंने इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर एनर्जी रिसर्च राष्ट्र को समर्पित किया। इसके बाद नेशनल सेंटर फॉर क्लीन कोल रिसर्च एंड डेवलपमेंट का उद्घाटन किया जो अत्यधिक कुशल, स्वच्छ और प्रभावी कोयला प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण योगदान करेगा। इस दौरान उन्होंने इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर एनर्जी रिसर्च (आईसीईआर) के योगदान पर गतिविधि प्रोफ़ाइल जारी की साथ ही नेशनल सेंटर फॉर क्लीन कोल रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए आरएंडडी रोड मैप भी जारी किया ।



इस दौरान सीएसआईआर-नेशनल एयरोस्पेस संस्थान में वैज्ञानिको व अन्य वरिष्ठ जनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज का दिन पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज विश्व ओजोन दिवस है जो हमें पर्यावरण के बारे में हमें बहुत सारी बातें याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान मेरे पास विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान के साथ पर्यावरण मंत्रालय भी था लेकिन इस बार इसमें कुछ परिवर्तन हुआ है। आज मेरे पास पर्यावरण मंत्रालय नही है लेकिन में हमेशा पर्यावरण के साथ रहा हूं। आज हम वैज्ञानिक नवाचारों के माध्यम से पर्यावरण को बचाने और उसकी रक्षा के लिए पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं। हम ग्लोबल वार्मिंग और क्लामेट चेंज पर काम कर रहे हैं जिसके तहत 2030 तक हम 33-35 प्रतिशत तक कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर काम कर रहे हैं।

भारतीय विज्ञान संस्थान का विचार 1893 में भारत के दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों स्वामी विवेकानंद जी और श्री जमशेदजी टाटा के बीच एक वार्तालाप के दौरान जापान से कनाडा के लिए एक जहाज पर पैदा हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार ने अक्षय ऊर्जा को जबरदस्त बढ़ावा दिया है और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए लक्ष्य को बढ़ाकर 5 गुना करने के साथ -साथ स्वच्छ ऊर्जा सार्वजनिक अनुसंधान एवं विकास के निवेश को बढ़ाकर दोगुना से अधिक किया है । उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की अपार क्षमताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि भारत 2030 तक वैज्ञानिक अनुसंधान में वैश्विक रैंक में शीर्ष 3 में हो । उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत को पूरी दुनिया ने सराहा है और यह राष्ट्र के लिए गौरव की बात है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज पर संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल डिस्कशन को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में से एक होंगे।

इससे पहले डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने दोबारा सत्ता में आने के बाद जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर देश के लिए बड़ा काम किया । 70 सालों से एक सपना जिसे लगभग सभी भारतीय ने देखा था, वह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसिक और बुद्धिमानी भरे फैसले, गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व से ही संभव हो पाया । हम सभी मानते है और हमारा विश्वास है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इस विश्वास के बावजूद हमें ऐसा महसूस नहीं होता था कि कश्मीर जिस प्रकार से हमारा होना चाहिए वैसा है । कहीं ना कहीं कुछ गलत था जिस कारण लगता था कि हम 370 से छुटकारा नही पा सकते। उन्होंने कहा कि 23 तारीख को मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत का एक साल पूरा हो रहा है और इसको देखते हुए देश के सभी भागों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयुष्मान भारत के जरिए प्रधानमंत्री देश के लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना चाहते हैं। सरकार इसके लिए देश भर में 1.5 लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने जा रही है जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रालय काफी अच्छा काम कर रहा है । हम अब पहले से ज्यादा सटीक चेतावनी जारी कर सकते हैं जिससे सुनामी के खतरे से पहले लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया जाता है।