15 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज नई दिल्ली में नीदरलैंड के King Willem-Alexander के साथ संयुक्त रूप से 25वें भारत-नीदरलैंड प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सफल सहयोग पर खुशी व्यक्त की।



उद्घाटन सत्र में बोलते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने दोनों देशों के बीच साझा विरासत और आम धारणाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस वर्ष, हम अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 72 वर्ष मना रहे हैं। आज की घटना हमारी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को मजबूत करती है। इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाली 200 से अधिक कंपनियों के एक डच प्रतिनिधिमंडल की यहांं उपस्थिति बेहद उत्साहजनक है।

प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि हमारे जैसे देशों को वैश्विक मुद्दों के स्थायी जवाब तलाशने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है जिसमें गरीबी, भुखमरी, रोजगार सृजन, ऊर्जा सुरक्षा, मानव अधिकार, लैंगिक असमानता शामिल हैं। साथ ही हमें जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और प्राकृतिक संसाधनों की कमी पर एक साथ काम करने की आवश्यकता है।

नीदरलैंड वैश्विक स्तर पर भारत का 28वाँ सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और यूरोपीय से 6वाँ सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है । डॉ हर्ष वर्धन ने आगे कहा कि भारत और नीदरलैंड में एक बात और है। हम दोनों के पास असाधारण दृष्टि वाले प्रधानमंत्री हैं। वे दोनों विकास की दिशा में सहयोग की शक्ति में विश्वास करते हैं। इसके अतिरिक्त प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन के दौरान Ms Mona Keijze, Secretary for Economic Affairs and Climate Policy, के साथ द्विपक्षीय बैठक की जिसमें जल, कृषि और स्वास्थ्य सेवा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई|