India continues to move ahead in science & technology field: Dr Harsh Vardhan



ITCOocean में डॉ हर्ष वर्धन ने अटल भवन और अटल अतिथि गृह भवनों का किया उद्घाटन



Union Minister for Science and Technology, Earth Sciences, Forest Environment and Climate Change Dr Harsh Vardhan today inaugurated Atal Bhawan and Atal Guest House at the city-based International Training Centre for Operational Oceanography.



हैदराबाद: (दिसंबर 22, 2018) : केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने शनिवार को हैदाराबाद स्थित International Training Centre for Operational Oceanography (ITCOocean) केंद्र में नवनिर्मित दो नये भवनों अटल भवन और अटल अतिथि गृह का उद्घाटन किया।

Hyderabad, 22 December 2018: Union Minister for Science and Technology, Earth Sciences, Forest Environment and Climate Change Dr Harsh Vardhan today inaugurated Atal Bhawan and Atal Guest House at the city-based International Training Centre for Operational Oceanography.

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा यह खुशी की बात है कि इन दोनों भवनों का नामकरण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर किया गया है। विज्ञान को राजनीति के केंद्र में लाने का श्रेय अटल जी को जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जय जवान और जय किसान के नारे के साथ अटल बिहारी वाजपेयी ने जय विज्ञान को जोड़ा था और अनुसंधान के महत्व को समझते हुए मैंने इसमे जय अनुसंधान जोड़ दिया है।

On this occasion, the Union Minister expressed his happiness that both buildings have been named after former Prime Minister Atal Behari Vajpayee, who had played an instrumental role in bringing science at the centre of political and social activities in the country. Further singing a paean of Vajpayee, the Union Minister said the former Prime Minister was so much passionate about science and advancement of the country that he added ‘Jai Vigyan’ to ‘Jai Jawan, Jai Kisan’ slogan given by ex-Prime Minister Lal Bahadur Shastry during the 1965 War with Pakistan. The Union Minister said he added ‘Jai Anusandhan’ to the slogan, making it appear like ‘Jai Jawan, Jai Kisan, Jai Vigyan, Jai Anusandhan’.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान के क्षेत्र में लगातार तरक्की कर रहा है। विश्व की 1209 संस्थानों में CSIR का नौवां स्थान है। इसी तरह अर्ली सुनामी वार्निंग टेक्निक में भारत विश्व में नंबर वन है। नैनो-प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति कर भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, वैज्ञानिक प्रकाशन में भारत छठे स्थान पर पहुंच गया है।

He said under the leadership of PM Shri Narendra Modi Ji, India is continuously moving ahead in the field of science and technology. CSIR is positioned at the nineth rank among 1209 scientific institutions across the world. Similarly, in the early tsunami warning, India is on the top position, while it is on the third position in nano technology and on the sixth position in the publication of scientific journal.

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व के लिए चुनौती बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और हमारी भूमिका को आज विश्व में सराहा जा रहा है। क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय काम किए हैं।

Dr Harsh Vardhan said climate change has become a major challenge before the international community. Under the leadership of PM Shri Narendra Modi Ji, India has taken several steps on the green house mitigation front and it is highly praised across the world. On the front of clean energy too, the country’s initiatives are of high significance.

भारत सरकार ने 2013 में वैज्ञानिकों/शोधकर्ताओं/ सरकारी अधिकारियों/ आपदा प्रबंधकों/ निर्णय निर्माताओं इत्यादि को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए Indian National Centre for Ocean Information Services (INCOIS) में ITCOocean केंद्र स्थापित किया था।

He also said that in 2013, the Central government had set up ITCOocean in Indian National Centre for Ocean Information Services (INCOIS) for traning of researchers, government officials and people engaged in disaster management.

हिंद महासागर के देशों, हिंद महासागर और अटलांटिक महासागर से लगते अफ्रीकी देशों और छोटे द्वीपीय देशों की क्षमता निर्माण के लिए नए तरीके विकसित करने के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए यूनेस्को और इसके IOC की सहायता के लिए भारत सरकार ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के माध्यम से यूनेस्को श्रेणी 2 केंद्र के रूप में ITCOocean स्थापित करने की पेशकश की थी। यूनेस्को के सामान्य सम्मेलन ने नवंबर, 2017 में यूनेस्को श्रेणी 2 केंद्र के रूप में ITCOocean को स्थापित करने संबंधी भारत सरकार के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

The Indian government through the Ministry of Earth Sciences had set up ITCOocean to strengthen capacity building of the countries of the Indian Ocean and others.

ITCOocean केंद्र का लक्ष्य प्रचालनात्मक समुद्र विज्ञान संबंधी सेवाओं की बढ़ती मांगों को पूरा करने और समुद्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए समुद्र विज्ञान वैज्ञानिक आधार, संबंधित प्रौद्योगिकी और सूचना प्रणाली और प्रशिक्षित समुद्र वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और प्रबंधकों के पूल का सृजन करना है।

ITCOocean aims at creating a pool of trained scientists, technocrats, managers to fulfill the increasing requirements of ocean science.