आज लोकसभा में Indian Medical Council Bill, 2019 को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इससे पहले बिल को पेश करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन नेकहा कि मैंने हमेशा भारत में चिकित्सा संस्थानों के कामकाज में ईमानदारी और पारदर्शिता पर जोर दिया है और इसी उद्देश्य के साथ, Indian Medical Council Bill, 2019 को आज लोकसभा में पेश कियागया। इस विधेयक के पास होने के बाद देश में चिकित्सा शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन आएगा।


The Indian Medical Council Bill, 2019 was today passed by the Lok Sabha with a voice vote. The Bill envisages a radical change in the governance of medical education and practices in the country.



उन्होंने कहा कि इस विधेयक में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की स्थापना का प्रावधान है, जो मौजूदा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर काम करेगा। पिछले दो दशकों में देश में एक धारणा बन गई थी कि एमसीआई अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असफल रही है और साथ ही इसमें भ्रष्टाचार ने गहरी जड़ें जमा ली हैं।



Speaking in the House, Union Minister for Health and Family Welfare, Science and Technology, Earth Sciences Dr Harsh Vardhan said the Bill has a provision for setting up of National Medical Commission, which will be a replacement for the existing Medical Council of India. In fact, a perception has set in the last two decades that MCI has been unsuccessful in discharging its duties. Also, corruption has taken a deep root in its overall functioning.

इसलिए,यह विधेयक समय की आवश्यकता है क्योंकि 26 सितंबर, 2018 से काम कर रहे एमसीआई में दो साल की अवधि के बाद निलंबन का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान बोर्ड आफ गवर्नर्स एमसीआई का कामकाज देखेंगे। डॉ हर्षवर्धन ने सदन को बताया कि विधेयक चिकित्सा क्षेत्र में व्यापक सुधारों की शुरूआत करेगा। उन्होंने लोकसभा को यह भी बताया कि सरकार एनएमसी विधेयक पर काम कर रही है और संसद में पेश किए जाने से पहले इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। दिसंबर 2017 में एनएमसी विधेयक 16वीं लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन यह संसद के विघटन के साथ वो रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार का मुख्य जोर चिकित्सा संस्थानों के समग्र कामकाज में पारदर्शिता लाना है और हम इसेके लिए प्रतिबद्ध हैं।

The Bill has a provision for the supersession of MCI for a period of two years with effect from September 26, 2018. During this period, the Board of Governors will exercise the power and functions of MCI as assigned under the IMC Act, 1956. The Union Minister told the House that the Bill would usher in comprehensive reforms in the medical sector. He also informed Lok Sabha that the government is working on the NMC Bill and before it could be introduced in Parliament it will be taken to the Union Cabinet for approval. It was in December 2017, the NMC Bill was introduced in the 16th Lok Sabha, but it lapsed with the dissolution of parliament.