05 नवंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज सुबह कोलकाता के साइंस सिटी में भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में एक विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमता की झलक दिखलाई गई है। इस अवसर पर उन्होंने Scientific Social Responsibility और Scientific Research Infrastructure Sharing Maintenance and Networks Policy ( SRIMAN ) पर दो अलग-अलग पोस्टर जारी किए। भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में विज्ञान प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन DRDO द्वारा निर्मित पूर्णतया स्वदेशी अर्जुन टैंक का अवलोकन किया जो अपने अचूक निशाने और गति के लिए जाना जाता है। इस दौरान डॉ हर्ष वर्धन ने ब्रह्मोस, सुपरसोनिक मिसाइल और LRSAM, लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल का भी निरीक्षण किया। इन मिसाइलों ने अपनी विनाशकारी सटीकता के माध्यम से भारत की सुरक्षा को मजबूत किया है।



विज्ञान प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा है कि भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव जैसा मंच ज्ञान की कमी दूर करने और विशेष रूप से बच्चों को जागरूक बनाने के लिए उनके नजदीक विज्ञान को पहुंचाने का एक अवसर है। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि कोलकाता अपनी परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के कारण समूचे देश के लिए गौरवपूर्ण स्थान है। डॉ सी वी रमन, आचार्य जगदीश चंद्र बोस, डॉ मेघनाथ साहा और डॉ सत्येन्द्र नाथ बोस जैसे प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के कारण कोलकाता की गरिमा बढ़ी है। वैज्ञानिक प्रदर्शनी का आयोजन करने के लिए विज्ञान प्रयोगशालाओं के निदेशकों और वरिष्ठ वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अतीत के समय के वैज्ञानिकों ने उपलब्धियां हासिल की हैं और अपने कार्य के बल पर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने यह भी कहा ये वैज्ञानिक समुदाय की जिम्मेदारी बनती है कि वे सामान्यजनों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के व्यापक क्षेत्र और महत्व की जानकारी दें।

डॉ हर्ष वर्धन ने सामान्यजनों, विशेष रूप से बच्चों के घर तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे उनके दैनिक जीवन को बेहतर बनाने की एक आवश्यक जिम्मेदारी बनती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित और बच्चों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति प्रेरित करने से अवसरों के एक राष्ट्र निर्माण में और देश की प्रगति के लिए ज्ञान का आधार बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहली बार पांचवें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से करने वाले हैं और वे इस मंच का उपयोग देश के नागरिकों के जीवन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की व्यापक जागरूकता लाने के लिए प्रेरणा देंगे।

डॉ हर्ष वर्धन ने यह भी कहा कि भारत अवसरों की भूमि है जहां उच्च शिक्षा और अनुसंधान तथा विकास में वैज्ञनिकों की भागीदारी लोगों के सशक्तीकरण तथा विकास में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक विकास के दायरे में बच्चों को शामिल किए जाने से देश में वृद्धि और विकास का एक नया आयाम जुड़ेगा। यह महोत्सव भारत को 2030 तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व के तीन शीर्ष देशों में विकसित बनाने की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप है। डॉ हर्ष वर्धन ने वैज्ञानिक समुदाय से अपील की कि वे बच्चों को वैज्ञानिक विकास की भावना और जज्बे से परिपूर्ण वातावरण बनाने के लिए प्रोत्साहित करें। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के शामिल होने और प्रदर्शनी को देखने के लिए आने वाले लोगों के उत्साह से पता चलता है कि इस देश के विज्ञान क्षेत्र में विकास और खुशहाली के लिए कितने लक्ष्य हासिल करने बाकी हैं।