07 नवंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज एनजीओ समेत सामाजिक संगठनों का विज्ञान को प्रयोगशाला से जनता तक पहुंचाने में मदद देने का आह्वान किया। कोलकाता में पांचवें भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय सामाजिक संगठनों और संस्थाओं के सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने आज अग्रणी स्थान बना लिया है। उन्होंने देश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में एनजीओ की महत्वपूर्ण भूमिका को अहम बताया।



कोलकाता में चल रहे IISF2019 के तीसरे दिन आज उन्होंने National Social Organisations & Institutions Meet का शुभारंभ किया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, केंद्रीय ग्लास और सिरेमिक अनुसंधान संस्थान व Vibha India के सौजन्य से आयोजित इस सम्मेलन का मकसद विज्ञान-उन्मुख संगठनों व संस्थानों को एक मंच पर लाना है। इस सम्मेलन में अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों, कार्यप्रणाली और उत्पादों पर विचार-विमर्श किया जाएगा ताकि उसका लाभ देश और आम जनता को मिल सके। भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के NSOIM में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने विभिन्न संस्थानों से प्राप्त ज्ञान और संसाधनों को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास शोध के लिए उन्नत सुविधाओं की कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को ग्रामीण लोगों की समृद्धि के लिए अपनी भूमिका तय करनी चाहिए और उस पर काम करना चाहिए। NSOIM, IISF2019 में श्रोताओं को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि आज भारत में वैज्ञानिकों के पास अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा है। भारत को सुपरपावर लीग में लाने के लिए विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों से प्राप्त ज्ञान और संसाधनों को एकीकृत करने की आवश्यकता है। IISF2019 एक-दूसरे को प्रेरित करने और सहयोग करने का एक मंच है।