06 नवंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज कोलकाता में 5वें भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के (IISF2019) के दूसरे दिन, छात्र इंजीनियरिंग मॉडल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया । इस एक्सपो में कुछ आधुनिक इंजीनियरिंग मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं जो समाज को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इंजीनियरिंग, विज्ञान का वह भाग है जो जो मानव जीवन को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में उपयोगी है। एक्सपो का उद्देश्य बच्चों के बीच इंजीनियरिंग कौशल को बढ़ाने के साथ साथ उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करना है।



इस अवसर पर डॉ हर्ष वर्धन ने अपने संबोधन में कहा कि 2014 में जब से नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं, हमारी लगातार यही सोच रही है कि किस प्रकार विज्ञान और तकनीक के माध्यम से इस देश की 70 साल की समस्याओं का समाधान निकाला जाए । एक डॉक्टर होने के नाते मैंने देखा है कि जब एक क्लीनिशियन के साथ एक वैज्ञानिक और इंजीनीयर मिल जाते हैं तो ऐसे मेडिकल के उपकरण तैयार होते हैं जो मरीजों को सुलभ और बेहतर इलाज मुहैया कराने में सहायक होते हैं। पांच साल विज्ञान और प्रोद्योगिकी मंत्रालय में काम करने के बाद ये समझ में आया कि दुनिया में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जिसका समाधान वैज्ञानिक और इंजीनियर मिलकर न कर सकें। समस्या की सही जानकारी और ज्ञान का इस्तेमाल कर बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि कल आप लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सुना होगा, उन्होंने भी इस बात पर बल दिया कि किस तरह से consistency के साथ effort करते रहना है रिजल्ट कि चिंता नहीं करनी है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि अगर प्रयास में ईमानदारी, प्रतिबद्धता, समर्पण और विजन होगा तो उसका रिजल्ट जरूर निकलेगा। गीता में भी यही कहा गया ही कि आप अपने कर्म, सच्चाई, गहराई, सात्विकता, ईमानदारी के ऊपर ध्यान दीजिये, फल की परवाह मत कीजिये। उन्होंने कहा कि मेरा जीवन का यही अनुभव है कि अगर कर्म में विज़न, सात्विकता और गहराई है तो सफलता जरूर मिलती है, और न सिर्फ सफलता मिलती है बल्कि जो अच्छा कर्म और अच्छी सोच होती है उसको समाज के सब लोगों का सहयोग भी मिलता है। ये मुझे पोलियो मुक्त भारत को देखने के बाद व्यक्तिगत अनुभव मिला है। उन्होंने कहा कि आप अपने प्रोफेशनल जीवन के अंदर कोई एक विषय को अपने सपने के रूप में जरूर पालें और उस सपने को साकार करने के लिए अपने जीवन को समर्पित करें, उसके ऊपर दिन रात काम करें, हो सकता है सफलता शुरुआत में पूरी तरह से न मिले लेकिन अगर प्रयासों में गंभीरता और निरंतरता होगी तो आपको निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।