केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज IIPS, मुंबई के नए शैक्षिक भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के जन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री राजेश टोपे के अलावा स्वास्थ्य संस्थानों तथा महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सबके लिए स्वास्थ्य के विश्व स्वास्थ्य संगठन के लक्ष्य को पूरा करने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा स्वास्थ्य देखभाल मॉडल बना सकता है जिसका अन्य देश अनुसरण करेंगे। इसके अलावा देश में जनसंख्या और डॉक्टरों का अनुपात विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार बन जाएगा। मुम्बई में उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए फिर कहा कि चिकित्सा, शिक्षा में स्नातक और स्नाकोतर सीटों में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है, एम्स की संख्या 6 से बढ़कर 22 हुई है, आयुष्मान भारत योजना लागू की गई, टेरटिएरी स्तर की स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई गई, स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्र तथा रोकथाम के स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किए गए हैं।

आईआईपीएस के बारे में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्था का नाम अक्सर स्वास्थ्य सर्वेक्षणों में उल्लेख किया जाता है और अनुसंधानकर्ता और शैक्षिक संस्थानों से उत्तीर्ण होने वाले बहुत कम विद्यार्थी बेरोजगार रहते हैं बल्कि अधिकांश संयुक्त राष्ट्र और अंतराष्ट्रीय संस्थानों में काम कर रहे हैं।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत इन अति बुद्धिमानों की सेवाओं से फायदा उठा सकता है, उन्होंने इन प्रबुद्ध लोगों से आग्रह किया कि वे देश को उसकी आवश्यकता के अनुसार कोई ठोस योजना या उपलब्धि दें। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री 2022 तक न्यू इंडिया बनाना चाहते हैं और इस दिशा में अभी अंतिम उपलब्धि प्राप्त की जानी है। डॉ हर्ष वर्धन ने अनुसंधानकर्ताओं और अति बुद्धिमान व्यक्तियों से कहा कि वे स्वास्थ्य क्षेत्र के अनसुलझे के मुद्दों के समाधान के लिए नवाचार और लीक से हटकर विचार प्रस्तुत करें।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि ‘किसी भी महिला की गर्भ के दौरान तथा किसी भी बच्चे की टीके के अभाव में मृत्यु नहीं होनी चाहिए। मैं इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक जज्बे के साथ काम कर रहा हूं’। इसके अलावा टीबी, कालाजार, डायरिया से होने वाली मृत्यु की समाप्ति, मलेरिया के नियंत्रण और उससे होने वाली मृत्यु को रोकना भी सरकार के महत्वपूर्ण लक्ष्यों में शामिल है।