14 नवंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने दिल्ली केप्रगति मैदान में इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) में स्वास्थ्य मंत्रालय के पैवेलियन का उद्घाटन किया। पैवेलियन का विषय “टीबी हरेगा देश जीतेगा” है, जिसमें 2025 तक टीबी को समाप्त करने के मंत्रालय के संकल्प और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हेल्थ पैवेलियन के उद्घाटन के मौके पर कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने 2025 तक टीबी को समाप्त करने के लिए स्पष्टीकरण दिया है और हम इसे समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि पैवेलियन टीबी, इसके लक्षणों और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में उपलब्ध मुफ्त उपचार के बारे में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



डॉ हर्ष वर्धन ने आयुष्मान भारत के PMJAY और HWCs, NOTTO, CGHS सेवाओं, मानसिक स्वास्थ्य, AMRIT फार्मेसी, और एनीमिया मुक्त भारत अभियान के विभिन्न स्टालों का दौरा किया। उन्होंने NOTTO सेल्फी कॉर्नर का भी दौरा किया और अंगदान के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने लोगों में मिथकों और आशंकाओं को दूर करके अंगदान के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने और इस नेक सेवा के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए इस अनूठी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमने कल एम्स-ओआरबीओ समारोह में कई अंगदाताओं के परिवारों को सम्मानित किया है| उन्होंने आशा जताई कि यह पैवेलियन आगंतुकों के बीच व्यापक जागरूकता बनाने में योगदान देगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ट्रेड फेयर परिसर में तीन स्वास्थ्य चेतना शिविरों का भी आयोजन किया है, जो आगंतुकों के लिए रक्तचाप, शुगर, मौखिक कैंसर, गर्भाशय, ग्रीवा के कैंसर और स्तन कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शिविरों का उद्घाटन किया और स्क्रीनिंग सेवाओं का लाभ उठाने वाले सेवा प्रदाताओं और आगंतुकों के साथ बातचीत की। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत आम मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर (ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर) की जनसंख्या आधारित स्क्रीनिंग भी शुरू की गई है।

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापार के लिए भले ही यह मेला हो हमने तो इसमें भी स्वास्थ को ही प्रमुखता से प्रदर्शित किया है। आज हमारे लिए देश से टीबी को हराना और देश को जिताना बहुत बड़ी प्राथमिकता है। इसके साथ-साथ हम देश में अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में कई विषयों को दर्शाया गया है जिसके तहत आयुष्मान भारत भी एक है। आयुष्मान भारत के एक साल पूरा होने पर 50 लाख लोगों को इसका फायदा मिला है। इस वर्ष में हम आयुष्मान भारत योजना के हर पात्र तक अपनी यह बात पहुंचाना चाहते हैं कि उसके इलाज के लिए देश भर में 18 हजार अस्पताल हैं जहां वो बड़े से बड़े रोग का इलाज करा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा यहां मेंटल हेल्थ, डेंटल और अन्य बीमारियों के संबंध में जानकारी प्रदर्शित की गई है। हम चाहते हैं कि स्वास्थ्य के संबंध में सभी को पूरी जानकारी होनी चाहिए।