नई दिल्ली,29 फरवरी, 2020: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन आज Indian Public Health Association के 64वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर मैंने चिकित्सा क्षेत्र के दिग्गजों से कहा कि अगर आप अपने अनुभवों को संजो कर देश के लिए कुछ नया करने की ठान लें तो निश्चित रूप से जन स्वास्थ्य रक्षा की दिशा में दुनिया में हम एक मिसाल बन सकते हैं।



डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों के पूरे दिल से समर्थन के साथ, भारत पोलियो को खत्म करने में सक्षम हुआ। इस प्रकार की सफलता के और भी उदाहरण हैं, जहां सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों की मदद से, सार्वजनिक स्वास्थ्य महत्व के रोगों का भारत से उन्मूलन कर दिया।

उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन के लिए सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन और AIIMS, नई दिल्ली और विविध पृष्ठभूमि का प्रतिनिधित्व करने वाले आप सभी वरिष्ठ, अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टर्स को बधाई देना चाहता हूं।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों के पूरे दिल से समर्थन के साथ, भारत पोलियो को खत्म करने में सक्षम हुआ।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार पूरी तरह से सतर्क है। डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि पांच हजार से अधिक उड़ानों से आने वाले करीब 5,19,784 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। इसके अलावा छोटे-बड़े बंदरगाहों पर भी 12,431 यात्रियों की जांच की गई। डॉ हर्ष वर्धन ने आयुष्मान भारत योजना की चर्चा करते हुए कहा कि आज दुनिया भर में इसकी चर्चा है। इसके तहत 86 लाख गरीबों को चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल चुका है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय और भारत सरकार ने, माननीय प्रधानमंत्री के तत्वावधान में, देश के 500 मिलियन नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की शुरुआत की थी।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के सभी हिस्सों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जिसमें 2022 तक 150,000 पब्लिक हैल्थ सेंटर-PHC खोलने का लक्ष्य रखा गया है। हम इसे हासिल करने के लिए भलीभांति अग्रसर हैं।

IPHA के सम्मेलन में डॉ हर्ष वर्धन ने चिकित्सकों से अपील करी कि वे ऐसी बीमारी से किसी गर्भवती महिला और बच्‍चे की मृत्‍यु न होने दें जिसकी रोकथाम की जा सकती हो।

उन्होंने बताया कि सरकार की नई नीति के तहत अब टीबी का इलाज करने वाले प्राइवेट चिकित्सकों को सरकार की तरफ से मानदेय दिया जाएगा। सरकार प्राइवेट चिकित्सकों के TB मरीज़ों की दवाइयों का खर्च भी उठाएगी।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि इस सम्मेलन से उत्पन्न विचार-विमर्श और अनुशंसाओं की उत्सुकता से प्रतीक्षा की जाएगी।

IPHA सम्मेलन 2020,IPHA के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सबसे पुराने चल रहे संगठनों में से एक है। IPHA ने, अपनी स्थापना के समय से और यहां तक कि इससे पहले भी, हमेशा इस सच्चाई पर ध्यान केंद्रित किया है कि "रोकथाम इलाज से बेहतर है", और यही स्वस्थ भारत का मूल उद्देश्य है।

वर्तमान में इसके सदस्य के रूप में 9000 से अधिक डॉक्टर हैं।

AIIMS, नईदिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में AIIMS के निदेशक, प्रोफेसर रणदीप गुलेरिया, इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर संजय राय, इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन महासचिव, डॉ संघमित्रा घोष, ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन एंड हैड ऑफ सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन AIIMS, प्रोफेसर शशि कांत और, IPHA सम्मेलन के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ पुनीत मिश्रा के अलावा अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।