डॉ हर्ष वर्धन ने ग्लोबल कूलिंग शिखर सम्मेलन का किया उद्घाटन


केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल कूलिंग इनोवेशन शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मलेन में रूम एयर कंडीशनरों की बढ़ती मांग के कारण जलवायु को रहे नुकसान से निपटने के ठोस उपायों पर विचार विमर्श किया।



नई दिल्ली (नवंबर 12, 2018) : केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल कूलिंग इनोवेशन शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मलेन में रूम एयर कंडीशनरों की बढ़ती मांग के कारण जलवायु को रहे नुकसान से निपटने के ठोस उपायों पर विचार विमर्श किया।

यह सम्मेलन भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिक विभाग द्वारा रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट, एलायंस फॉर एन एनर्जी एफिशिएंट इकोनॉमी (AEEE) कंजर्वेशन लैब और सीपीईटी विश्वविद्यालय के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।

‘ग्‍लोबल कूलिंग इनोवेशन’ शिखर सम्‍मेलन का उद्घाटन करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के मद्देजनर पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई प्रभावशाली कदम उठाये हैं। क्लीन एनर्जी को लेकर भारत के प्रयास का आज वैश्विक स्तर पर चर्चा है।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल कूलिंग प्राइज में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए आज बड़ी संख्या में Researchers. Innovators, Industry और Startups को जोड़ने की जरूरत है। साथ ही भागीदार देशों को अगले पांच सालों में मिशन इनोवेशन के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट में निवेश को दोगुना करने की जरुरत है और मुझे खुशी है कि भारत इस लक्ष्य को जल्द ही हासिल कर लेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने विश्व का सबसे बड़ा,नवीन, किफायती और ऊर्जा कुशल Lighting Program को लांच किया है। इसके तहत 313 मिलियन Led Lights से सालाना 32 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आई है।

इस मौके पर आवासीय शीतलन (कूलिंग) प्रौद्योगिकी के विकास को प्रोत्‍साहित करने के लिए एक अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धा ‘ग्‍लोबल कूलिंग पुरस्‍कार’ की घोषणा की गई।

वर्तमान में विश्‍वभर में 1.2 अरब रूम एयर कंडीशनिंग यूनिटें कार्यरत हैं और यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2050 तक रूम एयर कंडीशनिंग यूनिटों की संख्‍या बढ़कर 4.5 अरब तक पहुंच सकती है।

शिखर सम्मेलन के दौरान भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन, जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेणु स्‍वरूप , मिशन इनोवेशन की संचालन समिति के उपाध्‍यक्ष जॉन लोफहेड और रॉकी माउंटेन इंस्‍टीट्यूट में सीनियर फेलो इयान कैम्‍पबेल भी मौजूद थे।