16 नवंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन व गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज गुजरात के गांधीनगर में '6th National Summit on Good & Replicable Practices & Innovations in Public Healthcare Systems in India' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल के अलावा केन्द्र और राज्य सरकार के कई स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे। यह शिखर सम्मेलन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सतत विकास के लक्ष्य और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करने के का एक मंच है। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल के साथ उन राज्यों को पुरस्कार प्रदान किए, जिन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।



इस दौरान उन्होंने 'सांस' Social Awareness and Action to Neutralise Pneumonia Successfully (SAANS) का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य निमोनिया के कारण होने वाली बाल मृत्यु दर को कम करना है, जो पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की सालाना मृत्यु का लगभग 15 प्रतिशत है। स्वास्थ्य को लेकर अच्छे व्यवहार पर "गाइडेंस डॉक्यूमेंटेशन ऑन पार्टनरशिप्स" RNTCP & SUMAN दिशानिर्देशों के तहत एक कॉफी टेबल बुक और घरों में बच्चों की देखभाल के लिए एक वेब पोर्टल लांच किया।

इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि गुजरात वो पवित्र स्थान है जिसने हमें राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महापुरूष दिए हैं। उन्होंने कहा गुजरात ने हमें नरेन्द्र मोदी के रूप में असाधारण ऊर्जा और विजन वाला प्रधानमंत्री दिया है। आज गुजरात देश और विदेश में प्रधानमंत्री मोदी जी के नाम से जाना जाता है जो हमारे लिए सौभाग्य की बात है। गुजरात की धरती बहुत पवित्र है। भारतीय जनता पार्टी को यहां से अमित शाह के रूप में ऐसा अध्यक्ष मिला है जिन्होंने भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बना दिया। गृहमंत्री के रूप में उनके द्वारा कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में काफी रूचि है। वो जानते हैं कि देश को ऊंचाईयों तक ले जाने में डाक्टरों और वैज्ञानिकों के पास अभूतपूर्व क्षमता है और वे भारत को New India बनाने में योगदान दे सकते हैं। भारत ने सभी क्षेत्रों में प्रगति की है। अर्थव्यवस्था से लेकर स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत और डिजिटल भारत के साथ हर क्षेत्र में भारत ने प्रगति की है लेकिन स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। आज हमारे पास आयुष्मान भारत जैसी योजना है जिससे एक साल में 50 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। WHO का कहना है कि दुनिया की 45% बीमारियां शारीरिक निष्क्रियता से होती हैं। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने Fit India Movement शुरू किया है। भारत में Health For All को पूरा करने की क्षमता है और अगर हम दृढ़ निश्चय कर लें तो इसमें जरूर सफल होंगे।