05 अक्टूबर 2019: दिल्ली के अनुसंधान भवन में पर्यावरण अनुकूल पटाखों पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि CSIR -IND ने पटाखा निर्माताओं के साथ मिलकर Eco-friendly पटाखे बनाए हैं, जो बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा इससे परंपरागत पटाखों से होने वाले प्रदूषण से निजात मिलेगी।



उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्यावरण तकनीकी संस्थान नीरी, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद CSIR ने चार प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर परंपरागत पटाखों अनार, फुलझड़ी, हंटर, सुतली बम चकरी और राकेट का इको फ्रेंडली वर्जन और नए पटाखों की शृंखला जारी की है। उन्होंने कहा कि “Green Crackers” की पहचान के लिए उनके डिब्बों में QR कोड लगाए गए हैं ताकि नकली पटाखे न बनाए जा सकें। इस संबंध में पटाखा निर्माताओं के साथ 230 MoU और 165 non-disclosure agreement (NDA) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। कोड को स्कैन करते ही पटाखे की सभी विशेषताएं सामने आएंगी। डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में प्रदूषण के लिहाज से यह एक सार्थक कोशिश है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि पारंपरिक पटाखों के स्थान पर green crackers का विकल्प प्रदान करने के लिए मैं वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि इस बार हम सभी एक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मना सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली से पहले पटाखों पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने केवल इको फ्रेंडली पटाखों को ही अनुमति दी थी ।