नई दिल्ली, 01-06-2020: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के माध्यम से E-Magazine, “E-Mediation Writings” के लोकार्पण के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज के युग में जबकि न्यायिक प्रक्रिया बेहद लंबी और खर्चीली हो चली है, Mediation समय की मांग है।



केंद्रीय मंत्री ने Mediation को जन आंदोलन बनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 70 साल बाद भी न्यायिक प्रक्रिया बेहद जटिल बनी हुई है, जिसका नुकसान गरीबों को अधिक उठाना पड़ता है। न्याय में देरी होना न्याय से वंचित करने जैसा है, इसलिए अदालतों में Mediation पर जोर दिया जाना चाहिए।

डॉ हर्ष वर्धन ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि Mediation को केवल सांकेतिक गतिविधि के रूप में नहीं करें बल्कि पूरे मनोयोग और बड़े पैमाने पर काम करके इसके प्रति जनजागरण पैदा करें जिससे समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र में फैले विभिन्न प्रकार के विवादों को निपटाया जा सके।

उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक गुरु और संत महात्मा लोगों को उपदेश देते हैं कि वे अपने हित और स्वार्थ की भावना छोड़कर सामाजिक हित में परोपकार की भावना से काम करें। स्वामी विवेकानंद जी का भी यह कहना था कि वे उनके लिए जीते हैं जिन्होंने औरों की निस्वार्थ सेवा की।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि उस वक्त बेहद पीड़ा होती है जब देशभर में लाखों लोगों को केवल अपने शहर में ही नहीं बल्कि पैसे खर्च करके अपने शहर से काफी दूर अदालत में केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जाना पड़ता है। इसलिए मेरा मानना है कि आगे आने वाले समय में यह सब virtual होना चाहिए। डॉ हर्ष वर्धन ने अपने तीनों मंत्रालयों व विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से विश्वास दिलाया कि

उनके पास हर नवोन्मेश और हर नए सकारात्मक व तर्कसंगत विचार का स्वागत है और वे एक नेता नहीं बल्कि एक Warrior के रूप में हर संभव मदद करने के लिए सदैव तत्पर हैं।