08 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज विजयादशमी के अवसर पर पटपड़गंज में श्री रामलीला समिति द्वारा आयोजित दशहरा समारोह कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के साथ भाग लिया। समारोह में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भगवान राम को तिलक किया और आरती उतारी। उन्होंने बुराई के प्रतीक रावण की ओर बाण चलाकर रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न किया। लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस दौरान डॉ हर्ष वर्धन ने भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, अनुज लक्ष्मण, माता सीता और राम भक्त हनुमान जी की आरती उतारी और उन्हें तिलक लगाया । आज भगवान राम की विजय का हर्ष, अधर्म पर धर्म की विजय का हर्ष, हर उम्र के लोगों के चेहरे पर साफ दिख रहा था।



इस अवसर पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अपने संबोधन में कहा कि विजय का यह उत्सव सभी देशवासियों को ईमानदारी, स्वच्छता, नैतिकता और शांति हेतु प्रयासरत रहने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के सपनों का भारत सुशासन और नैतिकता के आदर्शों के साथ- साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता की बुनियाद पर आधारित था। इस अवसर पर मैंने कहा कि दुनिया के अंदर कोई दूसरी ऐसी कहानी नहीं, कोई ऐसा विषय का मंचन नहीं कि जिसको कोई वर्षों तक देखते रहे और उसके बावजूद भी उसका मन ना भरे बचपन से आज तक रामलीला देखने के बाद भी लगता है कि पिछली बार से ज्यादा आनंद आया है।

अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी जैसा नेता भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है जो आसुरी शक्तियों को समाप्त करके भारत में पुनः रामराज की स्थापना करना चाहते हैं भारत को एक नया इंडिया देना चाहते हैं भारत को विश्व गुरु भारत बनाना चाहते हैं।