नई दिल्ली, 24-05-2020: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कोविड19 महामारी के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों व उससे निपटने की तैयारियों को लेकर आज भाजपा के सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री जीवीएल नरसिम्हा राव के साथ चर्चा की। वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से हुई विस्तारपूर्वक बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण भारत की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित है।



भारत का रिकवरी रेट दुनिया में सबसे बेहतर है व प्रतिदिन पिछले दिन से बेहतर होता जा रहा है। इसके साथ ही दुनिया में सबसे कम मृत्युदर भी भारत में है। देश में करीब 1 लाख 30 हजार केस हैं और उनमे से लगभग 55 हजार मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं।

उन्होंने श्री नरसिम्हा राव जी को बताया कि पिछले दो वर्षों में नेपा वायरस, जीका वायरस, इबोला वायरस, स्वाइन फ्लू वायरस कई सारे वायरस बीच-बीच में आते रहे हैं । डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि इबोला वायरस को भारत में हमने प्रवेश नहीं होने दिया, नेपा वायरस को हमने केरल से बाहर नहीं निकलने दिया।

कोरोना वायरस को रोकने के लिए लॉकडाउन भारत में उचित समय पर लगाया गया था। दुनिया के कई विकसित देशों ने इस फैसले को लेने में बहुत सोच विचार किया। जब वहां स्थिति नियंत्रण के बाहर गई तो उन देशों ने लॉकडाउन का निर्णय लिया। लॉकडाउन के पहले भारत में डब्लिंग रेट 3-4 दिन था, लेकिन आज डब्लिंग रेट करीब 13 दिन है।

मार्च के दूसरे सप्ताह के आस पास जब दुनिया में तेजी से संक्रमण हो रहा था और भारत में पहला केस आने के बाद डेढ महीना बीत चुका था तब भी हमारे देश में मामूली केस थे। उस समय जमातियों से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण और गैर जिम्मेदाराना घटना हुई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया। करीब एक-डेढ दर्जन दूसरे देश के लोग वहां थे उसके कारण देश के हर राज्य में अचानक कोरोना के केसों की संख्या बढ़ गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने बताया कि सरकार ने समर्पित कोरोना अस्पताल बनाए, ताकि अन्य मरीजों में संक्रमण न फैले। आज देश में 968 विशिष्ट कोरोना अस्पताल हैं। 2.5 लाख के आस पास ICU और आइसोलेशन बेड हैं। COVID के Dedicated Health Centre की संख्या 2065 हैं इसमें भी करीब 1.77 लाख बेड उपलब्ध हैं। 7063 Covid Care Centre विकसित किए गए हैं इसमें करीब 6.5 लाख बेड उपलब्ध हैं। इन सबको अगर जोड़ें तो ये करीब 10 लाख बेड होते हैं। फरवरी के महीने में हमारे पास इस वायरस को टेस्ट करने के लिए 1 लैब थी लेकिन आज देश में 599 लैब मौजूद हैं, आज देश में कोरोना टेस्ट करने की क्षमता करीब 1.5 लाख टेस्ट प्रतिदिन है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि Vaccine को खोजने का प्रयास पूरी दुनिया में हो रहा है, भारत भी इसमें एक्टिव होकर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री जी ने शुरुआत के दिन से ही स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए 15,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी। इसमें से हमने राज्यों को उचित मात्रा में बजट देना शुरु किया। राज्यों को खुलकर फंड इस्तेमाल करने की छूट दी ताकि कोरोना से लड़ने में कोई कसर न रहे। इसके अलावा 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में भी स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रावधान हैं।