22 अक्टूबर 2019: 9 से 11 नवंबर 2019 दिल्ली के छतरपुर मंदिर के प्रांगण में संस्कृत भारती द्वारा विश्वसंस्कृत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा । सम्मेलन की तैयारियों को लेकर आज केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन के अवास पर एक बैठक का आयोजन किया गया। विश्व में संस्कृत भारती संगठन, संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार कर रही है और इसी उद्देश्य को और दृढ़ता प्रदान करने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। बैठक का संचालन संस्कृतभारती के संगठन मंत्री श्री दिनेश कामत जी ने किया।



बैठक में अपनी बात रखते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि इस वर्ष मेरी संघ आयु के 50 वर्ष पूरे हो गए हैं और सार्वजनिक जीवन के 25 साल के दौरान मुझे सबसे ज्यादा आनंद शिक्षा के क्षेत्र में काम करने पर हुआ। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से जुड़ने पर मुझे अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है और मैं इसे भगवान का आशीर्वाद समझता हूं। संस्कृत भारती के संगठन मंत्री श्री दिनेश कामत जी को विश्वास दिलाते हुए उन्होंने कहा कि आपकी जो भी अपेक्षा है उस अपेक्षा पर हम खरे उतरेंगे। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए आपको जो भी सहायता चाहिए, मुझे सहयोग करने में खुशी होगी। उन्होंने कहा कि संस्कृत से मेरा प्रेम शुरु से रहा है। 17वीं लोकसभा के सदस्य के तौर पर मैंने संस्कृत भाषा में ही शपथ ली थी। अब विश्वसंस्कृत सम्मेलन की आयोजन समिति से जुड़कर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

बैठक में संस्कृत भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री दिनेश कामत जी ने बताया कि इस विश्वसम्मेलन में 18 देशों के लगभग 3500 प्रतिनिधियों के आने की संभावना जताई गई थी लेकिन अब तक 4000 से अधिक लोगों ने इस कार्यक्रम के लिए अपना पंजीकरण कराया है जिसमें 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। श्री दिनेश कामत जी ने बताया कि दिल्ली के छत्तरपुर में आयोजित होने वाला यह विश्व सम्मेलन अभी तक का एक अद्वितीय सम्मेलन होगा जिसमें छात्र, आचार्य, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक, न्यायवादी, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनेता और अन्य कई क्षेत्रों से जुड़े लोग अपने विचार रखेंगे। श्री दिनेश कामत जी ने बताया कि कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को आमंत्रित किया गया है जबकि इसके समापन समारोह में उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू जी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के पहले दिन ‘विश्वे संस्कृतम्’ थीम पर एक प्रदर्शनी का आयोजन होगा जो विश्व के अलग-अलग देशों में संस्कृत का स्थान, विश्व की भाषाओं और जनजीवन पर संस्कृत के प्रभाव पर आधारित होगी।

बैठक में संस्कृत भारती न्यास समिति के अध्यक्ष श्री दीपक राठी जी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ के कुलपति प्रो रमेश कुमार पाण्डेय जी, संस्कृत भारती के महामंत्री श्री श्रीश देव पुजारी जी व संपर्क प्रमुख नंद कुमार जी उपस्थित थे । बैठक में संस्कृत भारती के सदस्यगणों के अलावा सांसद श्री रमेश बिधूड़ी जी, श्रीमती मीनाक्षी लेखी जी व प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद् के अध्यक्ष श्री बिबेक देबरॉय जी समेत कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।