नई दिल्ली, 05-05-2020: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया को लेकर दिल्ली सरकार के साथ बैठक करी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे जी भी उनके साथ मौजूद थे।



वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल श्री अनिल बैजल जी,स्वास्थ्य मंत्री श्री सत्येंद्र जैन जी व दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर डॉ हर्ष वर्धन ने जल जनित बीमारियों को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करी।

उन्होंने कहा कि कोविड के दबाव में हमें डेंगू व चिकनगुनिया को लेकर अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं आने देनी चाहिए। बैठक में डॉ हर्ष वर्धन ने स्मरण दिलाया कि दिल्ली में वर्ष 2015 में सबसे ज़्यादा 15867 डेंगू के केस सामने आए थे और लगभग 60 लोगों की मृत्यु हुई थी। उसके बाद 2019 में 713 मलेरिया के केस भी सामने आए। कोविड19 महामारी का ये समय हमारे लिए एक कठिन समय है ।

बैठक में उन्होंने दिल्ली में मलेरिया उन्मूलन अभियान की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसमे तेजी लाने का आग्रह किया। डॉ हर्ष वर्धन ने इसके लिए लोगों में जागरूकता फैलाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया । उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले 25 वर्षों से डेंगू का प्रकोप होता रहा है और हम इसे करीब से समझने की कोशिश करते रहे हैं।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि डेंगू,चिकनगुनिया और मलेरिया से सतर्कता ही बचाव है क्योंकि तीनों में से एक की भी वैक्सीन नहीं है।

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया की रोकथाम के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि कोरोना का कितना भी बड़ा खतरा क्यूं न आ जाए अगर आप लॉकडाउन के अंदर हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आपने चेहरा भी ढक रखा है, तो कोरोना आपका कुछ भी नहीं बिगाड़ पाएगा।